Venice Film Festival में पहुंची चैतन्य की फिल्म द डिसाइपल, 19 साल बाद हुई भारत की वापसी

Venice Film Festival में पहुंची चैतन्य की फिल्म द डिसाइपल, 19 साल बाद हुई भारत की वापसी

फिल्ममेकर चैतन्य ताम्हणे की फिल्म द डिसाइपल काफी चर्चा में है। दरअसल,शास्त्रीय संगीत की थीम पर बनी द डिसाइपल को वेनिस फिल्म फेस्टिवल के मुख्य प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। बता दें कि इस फेस्टिवल में प्रतियोगिता के लिए चुनी गई 18 फिल्मों में से एक द डिसाइपल है। लगभग 2 दशक के बाद यह पहली भारतीय फिल्म है जो इस प्रतियोगिता में शामिल हुई है। 

इस फेस्टिवल के ट्विटर अकाउंट पर फिल्म के कास्ट और क्रू के साथ चैतन्य ताम्हणे की फोटो शेयर की गई। आखिरी फिल्म जो इस प्रतियोगिता में शामिल हुई थी वह साल 2001 में मीरा नायर की फिल्म मॉनसून वेडिंग थी। मॉनसून वेडिंग को इस फेस्टिवल का टॉप प्राइज द गोल्डन लॉयन से सम्मानित किया गया है।

चैतन्य ने द डिसाइपल की रिसर्च, फिल्मिंग और एडिटिंग में 4 साल लगाए थे।  

बता दें कि वेनिस फिल्म फेस्टिवल में 1937 में पहली बार भारतीय फिल्म संत तुकाराम ने सुर्खियां बटोरी थी। इस फिल्म को दुनिया की 3 बेहतरीन फिल्मों में गिना गया था। इसके 20 साल बाद 1957 में पहली बार भारत की फिल्म अपाजितो ने इस प्रतियोगिता में गोल्डन लॉयन अवॉर्ड जीता था। इस फिल्म ने जापान के पॉप्युलर डायरेक्टर अकीरा कुरोसावा की फिल्म थ्रॉन ऑफ ब्लड को हरा कर जीत हासिल की थी। इसके बाद 44 साल बाद मीरा नायर की फिल्म मॉनसून वेडिंग के जरिए भारत ने फिर द गोल्डन लॉयन अवॉर्ड जीता।