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Live News – TRP रैकेट: गवाह का दावा- चैनल देखने के लिए मिलते थे पैसे, नहीं पता था इससे होगी हेरफेर

मुंबई. महाराष्ट्र स्थित मुंबई में टीआरपी रैकेट (TRP Racaket) के खुलासे के बाद एक शख्स ने दावा किया है कि उसे कुछ चैनलों से मासिक रकम दी जाती थी. इस शख्स के घर व्यूअरशिप पता लगाने के लिए पीपुल मीटर लगा था. यह शख्स उन तीन गवाहों में से एक है जिसको कुछ चैनलों ने कथित तौर पर ऱिश्वत दी थी. गवाह ने दावा किया कि उससे यह भी कहा गया था पीपुल मीटर के जरिए डीटीएच अपने आप रिचार्ज हो जाएगा.

अंग्रेजी समाचार चैनल NDTV की रिपोर्ट के अनुसार बार-ओ-मीटर के एक्जीक्यूटिव ने उसे बॉक्स सिनेमा (आरोपी चैनलों में से एक) देखने के लिए कहा था. शख्स ने दावा किया कि उससे कहा गया था कि उसे दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक यह चैनल देखना होगा जिसके लिए 500 रुपए दिए गए थे. शख्स ने दावा कि यह दो से तीन साल तक चला. उन्हें कभी यह एहसास नहीं हुआ कि इसे टीआरपी से जोड़ जा सकता है. उन्होंने बताया कि जब वह गांव गया तो यह पूरी प्रक्रिया रुक गई.

बता दें मामले में गुरुवार को पुलिस ने फक्त मराठी और बॉक्स सिनेमा के मालिकों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया. मुंबई पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह ने दावा किया कि रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनलों ने टीआरपी में हेरफेर किया है. पुलिस ने बताया कि यह रैकेट तब सामने आई जब टीआरपी को मापने वाले संगठन बार्क ने हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई.

क्या है मुंबई पुलिस का दावा?मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने कहा कि रिपब्लिक टीवी चैनल भी टीआरपी गिरोह में शामिल है. उन्होंने कहा कि इस चैनल द्वारा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की गई थी. सिंह ने कहा कि टीआरपी गिरोह का पर्दाफाश करने वाली मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दो मराठी चैनलों के मालिकों को दर्शकों की संख्या की रेटिंग से छेड़छाड़ करने के लिए गिरफ्तार किया है.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि टीआरपी का पता लगाने वाली एजेंसी हंसा के दो पूर्व कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस आयुक्त ने कहा कि टीआरपी गिरोह में रिपब्लिक टीवी चैनल भी शामिल है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा चाहे वह निदेशक, प्रवर्तक हो या चैनल का कोई अन्य कर्मचारी.

रिपब्लिक टीवी ने एक बयान जारी कर सिंह के आरोपों को खारिज किया है. चैनल के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी ने कहा कि मुंबई पुलिस आयुक्त ने रिपब्लिक टीवी के विरुद्ध गलत आरोप लगाए हैं क्योंकि चैनल ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे.

 पुलिस ने पूछताछ के लिए रिपब्लिक टीवी के सीएफओ को बुलाया
वहीं मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को इस सिलसिले में रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को एक समन जारी किया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रिपब्लिक टीवी के सीएफओ शिव सुब्रमण्यम सुंदरम को शनिवार सुबह जांच में उपस्थित होने के लिए कहा गया था.

उनके अलावा, पुलिस ने मराठी चैनलों `फक्त मराठी’ और `बॉक्स सिनेमा`के एकाउंटेंट और कुछ विज्ञापन एजेंसियों के लोगों को भी तलब किया. संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भारम्बे ने पुष्टि की कि रिपब्लिक टीवी के सीएफओ को बुलाया गया है.

एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें पूर्वाह्न लगभग 11 बजे शहर के पुलिस मुख्यालय में आने के लिए कहा गया है. मुंबई अपराध शाखा की अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) फर्जी टीआपी रैकेट की जांच कर रही है.

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