Live News – NEET की परीक्षा में 100 फीसद नंबर लाने का शोयब आफताब ने खोला यह राज़

नई दिल्ली. नीट की परीक्षा (NEET Exam) में 100 फीसद मतलब 720 में से 720 नंबर हासिल करने वाला शोयब आफताब चर्चाओं में है. ओडिशा (Odisha) के रहने वाले शोयब ने कोटा (Kota) में रहकर नीट की तैयारी की थी. शोयब ने फर्स्ट आने का राज़ उजागर करते हुए बताया कि सिर्फ एक ऐसा काम था जिसे करने से मेरी सारी परेशानियां दूर हो गईं. फिर तो परीक्षा से पहले ही नीट मुझे आसान लगने लगी. मैं इंतज़ार करने लगा कि अब परीक्षा कब होगी. मैं चाहता था कि परीक्षा जल्द से जल्द हो जाए. शोयब अपने परिवार में पहले शख्स हैं, जो डॉक्टरी (Doctor) की पढ़ाई करेंगे.

लॉकडाउन के पूरे 6 महीने तक शोयब ने किया था यह काम

राउरकेला, ओडिशा के रहने वाले शोयब ने बताया, ‘मैं कोटा में अपनी मां और बहन के साथ पीजी में रहता हूं. जब देश में कोराना महामारी फैली तो उस वक्त भी मैं मां और बहन के साथ कोटा में ही था. हर राज्य से बसें बच्चों को लेने के लिए कोटा आ रही थीं. मेरे पापा का फोन भी आया कि घर वापस आ जाओ, लेकिन लॉकडाउन के दौरान मैं घर नहीं गया. यहां तक कि ईद भी मैंने कोटा में ही मनाई.

असम मदरसा विवाद: जब Azamgarh के मदरसे में पढ़ने वाले मौलाना ने पास की UPSC की परीक्षावह कहते हैं, ‘और फिर लॉकडाउन का फायदा यह मिला कि मैं रुका नहीं, मैंने अपनी कमजोरियां दूर की. मैं नीट के सिलेबस में कमजोर टॉपिक्स को बार-बार रिवाइज करता गया. इससे डाउट्स भी सामने आते गए. जो टॉपिक्स मजबूत थे, उन पर ज्यादा फोकस नहीं किया. कोचिंग के दौरान क्लासरूम का होमवर्क डेली करता था और तीनों विषयों को बराबर समय वक्त देता था. मैं रोजाना शेड्युल बनाकर पढ़ाई करता हूं और हर सब्जेक्ट को अलग-अलग वक्त देता हूं.’

मुझे अंडर 100 या 50 में आने की उम्मीद थी

ओडिशा के शोएब आफताब ने इस बार 100 फीसदी स्‍कोर करके नीट परीक्षा में इतिहास रचा है. शोएब ने 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं. इसके साथ ही शोएब ने एक और भी इतिहास रचा है. दरअसल, इससे पहले ओडिशा से कोई नीट टॉपर नहीं था. शोएब के टॉप करने पर उनके परिजन काफी खुश हैं.

एनईईटी के टॉपर शोएब आफताब ने न्‍यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘मेरे परिवार में कोई डॉक्टर नहीं है, इसलिए मुझे टॉप करने की उम्मीद नहीं थी. मुझे उम्‍मीद थी कि मैं शीर्ष 100 या 50 में जगह बना लूंगा. लेकिन 720 में से 720 स्‍कोर करने की कभी उम्‍मीद नहीं की थी. परीक्षा स्थगित की जा रही थी, इसलिए काफी दबाव था.’