Live News – Hathras Case: दंगों में इस्तेमाल के लिए वेबसाइट के जरिए पीड़िता के परिजनों के नाम पर वसूले पैसे? ED करेगी जांच

नई दिल्ली/ लखनऊ. उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras Case) में कथित गैंगरेप के मामले के बाद उसके जरिए राज्य में कथित तौर पर दंगा भंड़काने की साजिशों की अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच करेगा. बता दें हाल ही में सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से दावा किया गया कि एक वेबसाइट का सहारा लेकर हाथरस मामले को लेकर (Hathras Case) प्रदेश में जातीय दंगे भड़काने की साजिश हुई. जांच एजेंसियों को आशंका है कि प्लेटफार्म कार्ड डॉट कॉम पर बनाई गई इस वेबसाइट के जरिए पीड़िता के परिवार (Hathras Case Victim Family) के नाम पर पैसे भी मांगे गए. ऐसे में जो पैसे आए, तो उन्हें कहा-कहां भेजा गया, इसकी जांच ईडी करेगी.

ईडी ने इस मामले धारा 153ए के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने बताया कि इस धारा के तहत जो मामला दर्ज किया गया है वह प्रिवेशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक अपराध है. इसके तहत कोई जुर्म करने के उद्देश्य से जितनी धनराशि इकट्ठी की गई है उसे जब्त किया जा सकता है. इस मामले में आरोपियों के दोषी पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और फिर अदालत में उन्हें सात साल तक की सजा हो सकती है.

सिंह ने बताया कि फिलहाल इस एफआईआर का परीक्षण किया जा रहा है. इसके साथ ही उस वेबसाइट की जांच भी की जा रही है जिसके जरिए कथित तौर पर पीड़िता के परिजनों के लिए रुपए मांग कर हिंसा फैलाने की साजिश थी. डोमेन किसने खरीदा, ईमेल कौन सा था, उस पर मोबाइल नंबर क्या दिया गया था और वह कौन से सर्वर से चल रहा था, इसकी भी जानकारी हासिल की जाएगी. इसके साथ ही आईपी एड्रेस ट्रेस कर के यह जाना जाएगा कि वेबसाइट को कहां-कहां से अपडेट किया जाएगा.सरकार की छवि बिगाड़ने, जाति आधारित संघर्ष की साजिश और राजद्रोह का मामला दर्ज
वहीं दूसरी ओर सामूहिक दुष्‍कर्म और पीड़िता की मौत के बाद तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पुलिस ने सरकार की छवि बिगाड़ने, जाति आधारित संघर्ष की साजिश और राजद्रोह के आरोप में जिले के चंदपा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. प्रदेशभर में इस प्रकरण से जुड़े कुल 19 मुकदमे दर्ज किये गये हैं.

पुलिस ने जाति आधारित संघर्ष की साजिश, सोशल मीडिया पर झूठे पोस्‍ट, फर्जी तस्‍वीर डालकर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ एवं प्रदेश सरकार की छवि बिगाड़ने और देश की एकता तथा अखंडता को खतरा पहुंचाने तथा जातीय दंगा फैलाने की साजिश, द्वेषपूर्ण सूचना एवं माहौल बिगाड़ने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

इन 20 धाराओं में दर्ज हुआ मामला

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार के मुताबिक हाथरस प्रकरण में हाथरस जिले के विभिन्‍न थाना क्षेत्रों में छह मुकदमों के अलावा सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी के विरुद्ध बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर, प्रयागराज, हाथरस, अयोध्‍या, लखनऊ में कुल 13 मामले पंजीकृत किये गये हैं.

उल्‍लेखनीय है कि एक पुलिस उपनिरीक्षक की तहरीर पर हाथरस के चंदपा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 109 (अपराध के लिए उकसाने), 124ए (देश की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने की कोशिश-राजद्रोह), 120 बी (षडयंत्र), 153-ए (धर्म भाषा और जाति के आधार पर विद्वेष फैलाना), 153-बी (राष्‍ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले बयान), 195(झूइे साक्षय गढ़ना), 465 (कूटरचना), 468 (कूटरचित दस्‍तावेजों का प्रयोग), 501(मानहानिकारक मुद्रण), 505 (भय का माहौल बनाने वाला बयान) और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 67 समेत कुल 20 धाराओं में रविवार को मुकदमा दर्ज किया गया है.