Live News – Hathras Case: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- न्याय नहीं राजनीति के लिए हाथरस जा रहे हैं राहुल गांधी

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश स्थित हाथरस (Hathras Case) में कथित गैंगरेप के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने टिप्पणी की है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को फिर कहा कि वह हाथरस जाएंगे और उन्हें कोई रोक नहीं पाएगा. कांग्रेस नेता के दौरे पर ईरानी ने कहा कि ‘लोग कांग्रेस की रणनीति के बारे में जानते हैं, इसलिए उन्होंने 2019 के चुनावों में भाजपा के लिए ऐतिहासिक जीत दी. लोग समझते हैं कि उनकी हाथरस यात्रा उनकी राजनीति के लिए है न कि पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए.’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को हाथरस में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता के परिवार से मिलने जाएगा. इस संदर्भ में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इस दुखी परिवार से मिलने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती. उन्होंने ट्वीट किया, ‘दुनिया की कोई भी ताक़त मुझे हाथरस के इस दुखी परिवार से मिलकर उनका दर्द बांटने से नहीं रोक सकती.’

 पुलिस द्वारा किया जा रहा व्यवहार मुझे स्वीकार नहीं- राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘इस प्यारी बच्ची और उसके परिवार के साथ उप्र सरकार और उसकी पुलिस द्वारा किया जा रहा व्यवहार मुझे स्वीकार नहीं. किसी भी हिन्दुस्तानी को ये स्वीकार नहीं करना चाहिए.’ पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के कई सांसद हाथरस जाएंगे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात करेंगे.वेणुगोपाल ने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल परिवार से मुलाकात कर उनकी चिंताएं सुनेगा और पीड़िता एवं परिवार के लिए न्याय की मांग करेगा.’ इससे पहले, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस ने बृहस्पतिवार को पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए हाथरस जाने से रोककर हिरासत में ले लिया था. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल और प्रियंका को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

गौरतलब है कि 14 सितम्बर को हाथरस में चार युवकों ने 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था और मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई जिसके बाद बुधवार की रात को उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रात में अंतिम संस्कार करने के लिए बाध्य किया.