Live News – हाथरस कांड: 7 साल में 3 रेप केस जिन्होंने यूपी की 2 सरकारें हिलाईं

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश (UP) के हाथरस (Hathras) में दलित महिला के साथ हुए कथित रेप (Rape Case) और फिर उसकी मौत ने राज्य की राजनीति को बिल्कुल गर्मा दिया है. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने हाथरस पहुंच कर पूरे मामले को देश की राजनीति में ला दिया है. समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी तो विरोध कर ही रहे हैं लेकिन कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर तीखे हमले की वजह से देश में अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन हो रहे हैं.

कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हाथरस कांड के विरोध में अन्य राज्यों में भी प्रदर्शन किए हैं. भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर रावण भी आक्रामक हैं. योगी सरकार ने इतना विरोध देखते हुए हाथरस जिले के एसपी-डीएसपी समेत कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. दरअसल ये दूसरी बार जब किसी रेप केस की वजह से योगी सरकार मुश्किल में पड़ी है.

इससे पहले उन्नाव रेप कांड को लेकर भी राज्य सरकार आलोचनाओं के केंद्र में आ गई थी. योगी आदित्यनाथ से पहले यूपी के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव भले ही इस वक्त सरकार पर आरोप लगा रहे हों लेकिन 2014 में बदायूं में हुए रेप केस में उनकी सरकार की भी बहुत फजीहत हुई थी.

बदायूं बलात्कार और हत्या मामले में घिरी थी अखिलेश सरकार
2014 में यूपी के बदायूं जिले में दो चचेरी बहनों के रेप और मर्डर के मामले ने अखिलेश सरकार को आलोचनाओं के घेरे में खड़ा कर दिया था. पुलिसिया कार्रवाई को लेकर ढेर सारे सवाल खड़े किए गए थे. मामला इतना उछला था कि तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून तक ने इस मामले पर चिंता जाहिर की थी.

उन्नाव बलात्कार मामले में सरकार की हुई थी जमकर आलोचना
इसी तरह 2017 में हुए उन्नाव गैंगरेप केस में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की वजह से योगी सरकार को बहुत आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को 20 दिसंबर 2019 को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है. पीड़िता ने 2018 में सीएम योगी आदित्यनाथ के घर के सामने आत्महत्या की कोशिश भी की थी. पीड़िता की मौत 31 जुलाई 2019 को एक एक्सिडेंट में हो गई थी. इस एक्सिडेंट को भी शक की निगाहों से देखा गया था.