Live News – गैंगस्टर विकास दुबे से जुड़ी यह अहम फाइलें कलेक्ट्रेट से हो गईं गायब, 200 फाइलें बताई जा रही हैं गायब  

लखनऊ. कानपुर (Kanpur), बिकरू कांड के अहमद किरदार रहे विकास दुबे (Vikas Dubey) से जुड़ी फाइलें कानपुर कलेक्ट्रेट से गायब हो गई हैं. यह फाइलें विकास दुबे के ऑर्म्स लाइसेंस (Arms Licence) से जुड़ी हुई बताई जा रही हैं. चर्चा यह भी है कि ऑर्म्स लाइसेंस से जुड़ी करीब 200 फाइलें गायब हैं. गायब फाइलों का नंबर 131 से 330 तक बताया जा रहा है. हालांकि डीएम (DM) कानपुर की ओर से इस मामले में कोतवाली (Kotwali) में एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है. वहीं इस विभाग से जुड़े बाबू विजय रावत के खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है.

विकास के एनकाउंटर की पुलिस ने बताई थी यह वजह

कानपुर के पुलिस अफसरों ने बताया था कि विकास दुबे को ला रहे काफिले के पीछे कुछ गाड़ियां लगी हुईं थी. यह लगातार पुलिस के काफिले को फॉलो कर रही थीं. जिसकी वजह से गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई और एक्सीडेंट हो गया. जल्दी पहुंचने के लिए भी गाड़ी तेज़ भगाने की कोशिश की गई. बारिश तेज़ थी इसलिए गाड़ी पलट गई. इस मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे भाग गया.

लेकिन हमारे एसटीएफ जवान इस गाड़ी को पीछे से फॉलो कर रहे थे. उन्होंने कॉंबिंग की, फायरिंग हुई और आत्मरक्षा में विकास दुबे मारा गया. एनकाउंटर कोई चीज़ नहीं होती हम न्यायिक प्रक्रिया को फॉलो करते हैं.ये भी पढे़ं-दूसरे मजहब की लड़की से बात करने पर राहुल की हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने शुभम भारद्वाज को पकड़ा

विकास के एनकाउंट पर मीडिया ने जताया था यह ऐतराज़

जब यूपी की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी को मध्य प्रदेश से लेकर चली, तभी से मीडिया की गाड़ियां उसे फॉलो कर रहीं थी. कानपुर तक भी यह पीछे-पीछे आईं. लेकिन जहां एनकाउंटर हुआ उससे एक किमी पहले मीडिया की गाड़ियों को रोक दिया गया था. उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया. लेकिन विकास दुबे को ले जा रही और कुछ दूसरी गाड़ियां आगे बढ़ गईं.

इधर जैसे ही मीडिया को रोका गया तो कुछ ही मिनट बाद गोलियां चलने की आवाज़ें आने लगीं. जैसे ही गोलियों की आवाज़ें आना शुरु हुईं तो उसके बाद मीडिया की गाड़ियों को जाने दिया गया. इन सब बातों को लेकर मीडिया ने कड़ा ऐतराज़ जताया था.