Home झारखंड Jharkhand News- मेद छाल खरीदनेवाले कारखानों पर भी होगी कार्रवाई: डीएफओ

Jharkhand News- मेद छाल खरीदनेवाले कारखानों पर भी होगी कार्रवाई: डीएफओ

सारंडा में लंबे समय से प्रतिबंधित मेद छाल को लेकर एक हब बना हुआ है। यूं तो कई दशकों से सारंडा, कोल्हान व पोड़ाहाट के जंगल लकड़ी माफियाओं के लिए सबसे मुफीद जगह के रूप में माना जाता रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में प्रतिबंधित मेद छाल की बढ़ती तस्करी ने वन एवं पर्यावरण विभाग को भी चिंतित कर दिया है। सारंडा के रोआम, गिंडुंग समेत कई ऐसे गांवों के पास के जंगल हैं जहां से मेद छाल की तस्करी कमोबेश रोजाना हो रही है।

हालांकि इसे लेकर वन विभाग की ओर से भी कार्रवाई हो रही है, परंतु अभी तक इसे एक दिखावा ही कहा जा सकता है। इसे लेकर सारंडा के डीएफओ रजनीश कुमार दावा कर रहे हैं कि जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी। वन विभाग न सिर्फ तस्करों बल्कि राष्ट्रीय जैव विविधता अधिनियम के तहत इसके खरीदार कारखाना मालिकों के विरुद्ध भी की जाएगी। जानकारी के मुताबिक मेद छाल का उपयोग अगरबत्ती और कई तरह की दवाइयों के निर्माण में किया जाता है।

सारंडा से प्रतिबंधित मेद छाल की तस्करी एक गंभीर चिंता का विषय है। इसकी रोकथाम के लिए विभाग जल्द बड़ी कार्रवाई करेगी। इसके तहत न सिर्फ स्थानीय तस्करों बल्कि इसके खरीदार कारखानों के मालिकों के विरुद्ध भी राष्ट्रीय जैव विविधता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

रजनीश कुमार, डीएफओ, सारंडा।

Most Popular