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Jharkhand Live News – होम आइसोलेशन में ठीक हुए रांची के 80 फीसदी मरीज, प्रशासन की ओर से नहीं मिली मदद

रांची में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पर राहत की बात है कि उतनी ही तेजी से लोग स्वस्थ भी हो रहे हैं। कम बीमार लोगों ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना और फैसला सही साबित हुआ। करीब 80 फीसदी मरीज घर पर दवाएं और घरेलू इलाज से ठीक हुए हैं। इनमें अधिकांश लोगों को प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की मदद नहीं मिली। सूचना देने के बाद भी न डॉक्टरों ने संपर्क किया है और न ही मेडिकल किट ही उपलब्ध कराए गए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 11064 लोग 30 अप्रैल तक होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए हैं।

30 अप्रैल तक कुल एक्टिव केस 18727 थे, इनमें से 16968 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। एक सप्ताह से रोजाना 750 मरीज ठीक हो रहे हैं। अब तक होम आइसोलेशन में ठीक हो चुके 11064 लोगों में से करीब 40 फीसदी महिलाएं व 60 फीसदी पुरुष हैं।

घर में खुद का ख्याल रखने से 10 दिनों में ही सभी हो गए स्वस्थ
धुर्वा के रामाधार सिंह (72) का पूरा परिवार संक्रमण की चपेट में था। पहले रामाधार सिंह खुद संक्रमित हुए। स्थिति गंभीर हुई तो वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। अगले दिन परिवार के चार और सदस्य पॉजिटिव हो गए। इनमें 2 बेटे, बहू, पोता शामिल थे। उनके बेटे निरंजन सिंह ने बताया कि रिपोर्ट में जब संक्रमण की पुष्टि हुई, तो परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कमरे में क्वॉरंटाइन हो गए। पड़ोसियों से 3 ऑक्सीमीटर मंगवाकर लगातार ऑक्सीजन लेवल की मॉनिटरिंग करने लगे। घर के जो सदस्य संक्रमित नहीं थे, वे खाना बनाकर सभी के कमरे के बाहर रख देते थे। दवाइयों का स्टॉक भी मंगा रखा था। रिम्स के डॉक्टर के परामर्श पर सभी दवाएं ले रहे थे। 7 दिन बाद सभी का सैंपल जांच के लिए दिया। दो लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। 3 दिन बाद अन्य दो लोगों ने दोबारा सैंपल जांच कराया, वे भी निगेटिव हो गए।

सुबह 2 ग्लास गर्म पानी, भाप और हल्दी दूध पीते रहे
होम आइसोलेशन में स्वस्थ हो चुके मनोज सिंह ने बताया कि चिकित्सक की सलाह के आधार पर रोजाना सुबह ब्रश करने के बाद दो गिलास गर्म पानी से दिनचर्या की शुरुआत होती थी। भाप लेने के बाद हल्दी वाला दूध लेते थे। गले की खराश से गर्म पानी में नमक डालकर गारगल करने से काफी आराम मिला। दवा के साथ मल्टी विटामिन का सेवन किया। हर दिन करीबी फोन पर स्वास्थ्य की जानकारी लिया करते थे।

ये लक्षण दिखे तो पहुंचें अस्पताल
– ऑक्सीजन लेवल में लगातार गिरावट, 94 से कम रहने पर अस्पताल में भर्ती हों।
– पहले से किसी गंभीर बीमारी की चपेट में हों और रिपोर्ट पॉजिटिव आई हो तो लापरवाही भारी पड़ सकती है।
– किडनी, कैंसर पीड़ित, हार्ट व फेफड़े की समस्या वाले मरीज होम आइसोलेशन का विकल्प नहीं चुनें।

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