JEE Mains Exam 2020 : दूसरे दिन बिहार में 85% उपस्थिति , उलझाने वाला रहा फिजिक्स-मैथ का प्रश्न

jee mains exam vehicles and parents stopped 100 meters before center

आईआईटी और एनआईटी में नामांकन के लिए बुधवार को संयुक्त प्रवेश परीक्षा की शुरुआत हो गई। इस परीक्षा के माध्यम से देश के 23 आईआईटी और 31 एनआईटी में नामांकन होगा। बिहार के सभी परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा हुई। सरकार की ओर से मेमो ट्रेन चला देने से छात्रों को काफी फायदा हुआ है। परीक्षा केन्द्रों पर छात्र सुबह ही पहुंच गए थे। परीक्षा से दो घंटे पहले सभी को रिर्पोंटिंग करनी थी। बिहार में पटना, भागलपुर, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया व आरा में परीक्षा आयोजित हुई। 

बिहार में 43 सेंटरों पर दो पालियों में परीक्षा हुई। परीक्षा का रिजल्ट 10 सितंबर को जारी कर दिया जायेगा। परीक्षा छह सितंबर तक आयोजित की जाएगी। वहीं, देश के 660 सेंटरों पर आठ लाख 58 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा में हरबार की तरह एकबार फिर छात्र फिजिक्स के प्रश्नों में उलझते दिखे। कुछ प्रश्न तो काफी उलझाउ थे। इसमें छात्रों को थोड़ा समय लगा। फिजिक्स में सॉल्व करने वाले प्रश्नों की संख्या अधिक थी। वहीं मैथ के कुछ सवाल कठिन थे। कई सवाल बहुत आसानी से बन गए थे।  तीनों विषय से पांच-पांच न्यूमेरिकल वैल्यू के सवाल पूछे गए थे। ये प्रश्न मिला जुला था। परीक्षार्थी अभिषेक आनंद ने बताया कि सबसे स्कोरिंग वाले प्रश्न केमेस्ट्री में थे। इसके बाद मैथ में ठीक स्कोरिंग की उम्मीद है। पर फिजिक्स ने परेशान करके रख दिया। इसी तरह से आकाश ने बताया कि जनवरी की तुलना में इस बार के प्रश्न थोड़े आसान थे। मैथ और केमेस्ट्री के सवाल आसान थे। फिजिक्स के कई सवाल ने उलझा कर रख दिया। श्रेया ने बताया कि फिजिक्स के सवाल टाइम टेकिंग थे। न्यूमेरिकल के सवाल ने परेशान किया।  इस बार परीक्षा विलंब से होने का लाभ छात्रों को मिला। छात्रों का कहना था कि परीक्षा में तैयारी करने का भरपूर मौका इसबार मिला है। इस बार से 300 अंकों के 75 प्रश्न ही पूछे गये। मैथ, केमेस्ट्री और फिजिक्स से 20-20 मल्टीपल च्वाइस सवाल पूछे गये।

बिहार के परीक्षा केन्द्रों पर जेईई मेन की बीटेक परीक्षा में छात्रों की उपस्थिति लगभग 85 प्रतिशत रही। पूरे बिहार में पहली पाली में छात्रों की उपस्थिति 88 प्रतिशत रही, वहीं दूसरी पाली में छात्रों की उपस्थिति 89 प्रतिशत रही। पटना में पहली पाली में 92 प्रतिशत और दूसरी पाली में 95 प्रतिशत उपस्थिति रही। कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार सरकार की ओर से ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने से छात्रों को फायदा हुआ। छात्र निर्धारित समय पर परीक्षा केन्द्रों पर पहुंच गए। 

कुछ परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचने में हुई परेशानी 
छात्रों को शहर के परीक्षा केन्द्रों पर पहुचंने में कोई दिक्कत नहीं हुई। हालांकि, कुछ आउटर इलाकों के सेंटर को खोजने में छात्रों को परेशानी हुई। फुलवारीशरीफ, बाइपास की तरफ कुछ सेंटर दिये गए थे। उधर, पहुंचने में छात्रों को थोड़ी परेशानी हुई। वहीं पाटलिपुत्रा और मेन शहर वाले परीक्षा केन्द्रों पर छात्रों को दिक्कत नहीं हुई। एनटीए की तरफ से परीक्षार्थियों को तय शेड्यूल से करीब ढ़ाई घंटे पहले ही आने का निर्देश दिया गया था। शहर के तमाम एग्जाम सेंटर पर शेड्यूल के अनुसार लोग पहुंचने लगे थे। परीक्षा केन्द्रों के बाहर भी कई कोचिंग संस्थान वाले भी दुकान लगाए हुए थे। अपना-अपना प्रचार कर रहे थे। परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों के साथ ही इनके अभिभावक भी एग्जाम को लेकर तनाव में दिखे।