DC व MLA से भी वार्ता फेल, टाना भगतों के 24 घंटे के अधिक के धरने से रेलवे को करोड़ों का नुकसान

tana bhagat protest in latehar jharkhand has cause heavy loss to indian railways

टाना भगत द्वारा बुधवार की शाम पांच बजे से ही रेलवे ट्रैक को जाम किया गया था। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद लातेहार विधायक बैजनाथ राम धरना स्थल (रेलवे ट्रैक) पहुंचे और टाना भगत से वार्ता की। टाना भगत अपने पुराने मांग पर ही अड़े रहे कि जो सक्षम अधिकारी हैं, वही आकर बात करें। दूसरी ओर लातेहार डीसी जीशान कमर और एसपी प्रशांत आनंद भी आंदोलनरत टाना भगत से वार्ता करने पहुंचे। इस दौरान टाना भगतों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली।

डीसी के बातों को मानने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि जब कानून 1947 से है, तो उसे अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया। डीसी द्वारा आश्वस्त कराया गया कि आपकी बातों को अक्षरश: सरकार तक पहुंचाया गया है। उनके निर्देश पर ही हम आपके पास वार्ता के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान टाना भगतों के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर भी शिकायत की। उन्होंने कहा कि 73वर्षों से ठगे जा रहे हैं, अब कोई बातचीत नहीं होगी। जो हमारी मांगों को पूरा कर सकता है, वही यहां आकर हमलोगों से बात करे। इसके बाद मजबूरन डीसी और एसपी जिला मुख्यालय बैरन लौट गए।

गौरतलब है कि टाना भगतों के हक व अधिकार की मांग को लेकर लातेहार, लोहरदगा, पलामू, गुमला, रांची, हजारीबाग समेत कई जिलों के सैकड़ों टाना भगत बुधवार शाम 5:15 बजे से ही बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड के टोरी जंक्शन के समीप रेलवे ट्रैक को जाम कर विगत 24 घंटों से अधिक से आंदोलनरत हैं।

पहले भी वार्ता के प्रयास विफल
इससे पहले भी रेलवे के अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी दर्जनों बार वार्ता का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन वार्ता का हर प्रयास विफल साबित हुआ। गुरुवार दोपहर लगभग 12:30 बजे एसी लातेहार आलोक शिकारी कच्छप, प्रशिक्षु आईपीएस हरविंदर सिंह, एसडीएम सागर कुमार, एएसपी विपुल पांडेय, डीएसपी वीरेंद्र राम, सीओ मुमताज अंसारी, इंस्पेक्टर मदन कुमार शर्मा समेत अन्य अधिकारी वार्ता करने पहुंचे व करीब एक घंटे तक टाना भगतों को समझाने का प्रयास किया और बताया कि आपकी मांगों को वरीय अधिकारियों को भेज दिया है, साथ ही लिखित में मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद टाना भगत ने विचार विमर्श के लिए समय मांगा। 

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एक घंटे बाद जब अधिकारियों की टीम पुनः वार्ता करने पहुंची, टाना भगतों ने यह कहते हुए बात को मानने से इनकार कर दिया कि वे किसी भी आश्वासन को नहीं मानेंगे। जब तक महामहिम राज्यपाल की मुहर व मुख्यमंत्री का हस्ताक्षर के साथ कागजी दस्तावेज उन्हें न मिले, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

24 घंटे से रेल परिचालन ठप रेलवे को करोड़ों का नुकसान
टाना भगतों के आंदोलन के कारण बुधवार शाम 5:15 बजे से हीं बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड पर परिचालन ठप है। उक्त रेल खंड होकर चलने वाली मालगाड़ियां विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी हैं। लगभग 24 घंटे रेल परिचालन बाधित होने से रेलवे को करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है। टोरी एसएस अशोक कुमार ने बताया कि कुछ ट्रेनों को वीराटोली-महुआ मिलान-बरकाकाना होते सीजी रेलखंड के लिए रवाना किया गया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टोरी-शिवपुर-रेलखंड होते हुए प्रतिदिन कम से कम 10 कोयला लोड ट्रेनें गुजरती हैं। आंदोलन के कारण परिचालन ठप हो गया है, जिससे करोड़ों का नुकसान हो रहा है।