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Bihar News- हाईकाेर्ट बाबा की मजार पर उर्स ताे हाेगा पर नहीं लगेगा मेला

(माे. सिकन्दर) काेराेना काल और विधानसभा चुनाव के बीच मंगलवार से हजरत शहीद सैयद गुलाम सफदर पीर मुराद शाह (रह.) यानी हाईकोर्ट बाबा के तीन दिवसीय सालाना उर्स शुरू हाे जाएगा। यह 5 नवंबर तक चलेगा। काेराेना की वजह से इस बार उर्स के सभी कार्यक्रम हाेंगे, पर इस माैके पर लगने वाला मेला, झूला नहीं लगेगा और न ही इस बार कव्वाली की महफिल सजेगी।

तीसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्म हाेने के बाद 5 नवंबर की शाम काे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चादरपोशी करने आएंगे। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, बांकीपुर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा समेत अन्य नेताओं के भी चादरपोशी करने की संभावना है।

134 साल से पीर मुरादशाह की मजार पर हर साल उर्स लगता आ रहा है। काेराेना की वजह से पहली बार उर्स के माैके पर लगने वाला मेला, झूला नहीं लगेगा। काेराेना की वजह से कव्वाली की महफिल नहीं सजेगी। स्थानीय लाेग ही चादरपोशी के साथ उर्स के अन्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। प्रशासन के आदेश के अनुसार, मजार परिसर में एक भी दुकान नहीं लगेगी। जाे भी चादरपोशी करने आएंगे उन्हें मास्क लगाना जरूरी है।

काेराेना गाइडलाइन के अनुसार ही अकीदतमंद चादरपोशी करेंगे। एक साथ पांच लाेगाें से अधिक अकीदतमंद चादरपोशी नहीं करेंगे। हजरत सैयद शहीद गुलाम सफदर पीर मुराद शाह की मजार पर पिछले 134 वर्षाें से हर साल उर्स लग रहा है। हालांकि उनकी मजार लगभग 350 वर्ष से है।

बिहार स्टेट सुन्नी वक्फ बाेर्ड के चेयरमैन माे. इरशादुल्लािह ने बताया- हाईकोर्ट के सर्वे में इस बात का जिक्र है कि जहां पर उनकी मजार है, वहां पहले महुली गांव का कब्रिस्तान था। उनके शहादत के बाद लोगों का यहां आना शुरू हुआ। लोग उनकी मजार पर फातिहा पढ़ने के लिए आने लगे। वक्त गुजरता गया और और यहां उर्स लगने लगी। माे. इरशादुल्लाह ने कहा कि उर्स में जाे भी अकीदतमंद पहुंचेंगे, वे बिहार समेत पूरी दुनिया में अमनचैन की दुआ जरूर करें।

इस तरह है तीन दिवसीय उर्स का कार्यक्रममजार कमेटी के सचिव माे. अजीम ने बताया कि 2 नवंबर की रात तीन बजे मजार काे गुस्ल दिया फिर संदलपोशी हाेगी। 3 नवंबर की सुबह की नमाज के बाद कमेटी की ओर से 6 बजे चादरपोशी हाेगी। 3 नवंबर काे 7 बजे सुबह कुरआनखानी होगी। 9 बजे सुबह से उलेमा का खिताब होगा। 12 बजे मिलादशरीफ फिर कुल व दुआ का आयोजन किया जाएगा। 4 व 5 नवंबर तक चादरपोशी हाेगी।

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