Home बिहार Bihar Live News - Liquor Ban in Bihar: मुजफ्फरपुर में न्यायिक कर्मी...

Bihar Live News – Liquor Ban in Bihar: मुजफ्फरपुर में न्यायिक कर्मी व शराब धंधेबाज के घर से 50 लाख समेत हथियार जब्त, होली के लिए मंगानी थी शराब की खेप

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा में जहरीली शराब से पांच की मौत के बाद जिला पुलिस धंधेबाजों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई में जुटी है। इस कड़ी में सोमवार की रात करजा थाने के रसूलपुर गांव में बीरेंद्र ठाकुर व कमलेश ठाकुर के घर पर छापेमारी कर 50 लाख रुपये बरामद किए। इसके अलावा चार लाख का एक चेक, पासबुक, वोटर आईकार्ड, एक रायफल, दो पिस्टल, कई कारतूस और 26 लीटर विदेशी शराब भी जब्त की है। पुलिस ने मौके से शराब धंधेबाज पिता बीरेंद्र ठाकुर व पुत्र राहुल को भी दबोचा है। बीरेंद्र सिविल कोर्ट में न्यायिक कर्मी है। 

पिता-पुत्र की निशानदेही पर सदर थाने के सर गणेशदत्त नगर मोहल्ला से निजी स्कूल के संचालक अभयानंद शर्मा उर्फ टिंकू शर्मा व दोबियाही गांव से आलोक रंजन उर्फ भोला को भी गिरफ्तार किया है। बरामद राशि शहर के एक बड़े शराब माफिया की बतायी गयी है। चार लाख के वियरर चेक को एक बैंक खाते में शराब की खेप मंगवाने के लिए जमा करना था। इसपर किरण देवी का हस्ताक्षर है। वह गिरफ्तार पिता-पुत्र के घर की एक सदस्य बतायी गयी है। करजा थाने में इनके खिलाफ पुलिस के बयान पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बुधवार को सबको कोर्ट में पेशकर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। होली के लिए शराब की खेप दूसरे राज्यों से मंगानी थी। 

शहर के बड़े सिंडिकेट को देने थे रुपये: 
मंगलवार को एसएसपी जयंतकांत ने पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सूचना मिली थी कि रसूलपुर गांव के कमलेश ठाकुर के घर में शराब की खरीदारी के लिए 50 लाख से अधिक रुपये रखे हैं। रुपये शहर के एक बड़े सिंडिकेट को देने थे। इस आधार पर पुलिस सत्यापन में जुट गई। जानकारी लेने के बाद सिटी एसपी राजेश कुमार व एसडीपीओ सरैया राजेश शर्मा के नेतृत्व में करजा और सदर थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से कमलेश ठाकुर के पुत्र राहुल (वीरेंद्र के पुत्र का भी नाम राहुल है) के घर पर छापेमारी की। 

कमलेश के पुत्र के घर से मिला 49.98 लाख : 
छापेमारी में कमलेश के पुत्र राहुल के घर से 49.98 लाख रुपये व एक गोली बरामद की गई, लेकिन दोनों गिरफ्त में नहीं आ सके। दो हजार रुपये के 13 बंडल और पांच सौ के 50 बंडल हैं। इसके बाद पुलिस ने न्यायिक कर्मी बीरेंद्र ठाकुर के घर पर छापेमारी की। पिता-पुत्र को दबोच लिया। इनके घर से एक रायफल, दो पिस्टल, तीन मैगजीन, दो गोली व बथान में छिपाकर रखी 26 लीटर विदेशी शराब बरामद की। छापेमारी टीम में एंटी लीकर टास्क टीम के दारोगा रवि प्रकाश और कुमार अभिषेक भी शामिल थे। 

राहुल की निशानदेही पर निजी स्कूल का संचालक धराया :
एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि राहुल और बीरेंद्र ठाकुर से प्रारंभिक पूछताछ के बाद कई जानकारी मिली। राहुल की निशानदेही पर सरैया के पोखरैरा स्थित एक निजी स्कूल संचालक अभयानंद शर्मा उर्फ टिंकू शर्मा और सरैया दुबियाही के आलोक रंजन उर्फ भोला को पकड़ा। सदर पुलिस ने अभयानंद को सर गणेशदत्त नगर से पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि आरोपितों का हरियाणा व अन्य प्रदेशों के शराब सिंडिकेट से तार जुड़े हैं। इनके पास से जब्त मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 

न्यायिक कर्मी ने बड़ी पैरवी की दिखायी धौंस : 
रसूलपुर में जब टीम ने कमलेश ठाकुर के घर पर छापेमारी की तो वहां एक कमरे में रखी पेटी से नोटों का बंडल मिला। रात के अंधेरे में एक युवती उक्त पेटी को लेकर भागने लगी। पुलिस ने उसका पीछा किया तो पेटी फेंककर भाग गई। इसके बाद टीम बीरेंद्र ठाकुर के घर पर छापेमारी करने पहुंची। न्यायिक कर्मी ने विरोध करना शुरू कर दिया। पुलिस के वरीय अधिकारियों से पहचान होने की धौंस देने लगा, लेकिन पुलिस ने जब सख्ती दिखायी तो शांत हो गया। इसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई। वहां से शराब और हथियार बरामद हुए। 

स्कूल की आड़ में चला रहा था शराब धंधा : 
एसएसपी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपित अभयानंद वर्तमान में सर गणेशदत्त नगर में रहता है। एक निजी स्कूल भी चलाता है। इसकी आड़ में शराब का धंधा भी करता है। जिले के एक बड़े शराब धंधेबाज के गिरोह से जुड़ने की बात सामने आयी है। इसमें सकरा का भी एक बड़ा शराब माफिया शामिल है। इस बिंदु पर छानबीन जारी है। एसएसपी ने बताया कि हाल के दिनों में इस गिरोह ने शराब की कई खेप मंगाई थी। इस दिशा में पुलिस सूचना जुटाने में लगी थी। इसी बीच पता लगा कि फिर से शराब की डील की जा रही है। हरियाणा से शराब की बड़ी खेप मंगाकर होली में खपाने की तैयारी थी। इसी दौरान टीम ने कार्रवाई कर दबोच लिया। 

मुखिया के समक्ष बनी जब्ती सूची :
पुलिस सूत्रों की मानें तो एक आरोपित ने छापेमारी दौरान पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। जब्ती सूची नहीं बनाने दे रहा था। स्थानीय मुखिया को मौके पर बुलाकर जब्ती सूची तैयार करने को अड़े थे। इसपर पुलिस टीम ने स्थानीय मुखिया के समक्ष जब्ती सूची तैयार की। फिर इसके बाद पुलिस सभी जब्त साक्ष्य को अपने कब्जे में लिया।

Most Popular