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87 वर्षों बाद इन रेल लाइन पर एक बार फिर ट्रेनों का आवागमन होगा शुरू, लाखों यात्रियों को लाभ

पूरे देश भर में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे कई योजनाओं पर कार्य कर रही हैं। जिस रेल लाइन पर रेल परिचालन बाधित है, उसमें पुनः कार्य कर ट्रेन के परिचालन को शुरू कर रही है। ऐसे में बिहार के झंझारपुर से सहरसा के बीच जल्द ही ट्रेनों का परिचालन को शुरू कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी महीने 7 व 8 तारीख को पैसेंजर ट्रेन के परिचालन की शुरुआत हो जाएगी।

लोग कम समय में सफर कर सकेंगे और पैसे भी कम खर्च होंगे
उद्घाटन विशेष ट्रेन झंझारपुर से खुलेगी तमुरिया, निर्मली, आसनपुर कुपहा के रास्ते सरायगढ़, सुपौल होते सहरसा पहुंचेगी। रेल मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। कार्यक्रम दोपहर के 2:00 बजे होगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उद्घाटन के बाद नए रूट पर सहरसा से दरभंगा दोनों दिशा में ट्रेन चलने लगेगी। नए मार्ग पर ट्रेन परिचालन में आरंभ होने से मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र के लाखों आबादी को इसका लाभ मिलेगा। लोग कम समय में सफर कर सकेंगे और पैसे भी कम खर्च होंगे।

3 घंटे में दरभंगा पूरा होगा
बता दें कि अभी लोगों को दरभंगा जाने के लिए मानसी, खगड़िया, समस्तीपुर के रास्ते जानकी एक्सप्रेस ट्रेन से लगभग सवा 4 घंटे का वक्त लगता है। नए रूट रायगढ़ के रास्ते निर्मली, झंझारपुर होते हुए एक्सप्रेस ट्रेन से तीन से सवा तीन घंटा में लोग दरभंगा की दूरी तय कर लेंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक उस शुरुआत के दिनों में सवारी गाड़ी का परिचालन होगा इससे सहरसा से दरभंगा की दूरी तय करने में 4 घंटे के आसपास समय लगेगा। नए रोड पर दरभंगा की दूरी घटकर केवल 125 किलोमीटर रह जाएगी।

87 वर्षों के बाद पुनः लोग सहरसा से निर्मली के रास्ते रेल का परिचालन होगा
बता दें कि साल 1934 में विनाशकारी भूकंप के बाद कोसी और मिथिलांचल का रेल कनेक्शन होगा। 87 वर्षों के बाद पुनः लोग सहरसा से निर्मली के रास्ते झंझारपुर होते हुए दरभंगा का आवागमन करेंगे। रेल सेवा से वंचित कई क्षेत्र रेल संपर्क से जुड़ जाएगा। समस्तीपुर डिवीजन के आलोक अग्रवाल बताते हैं कि झंझारपुर से नया रूट शुरू होता है। इस वजह से उद्घाटन के दिन झंझारपुर से सहरसा तक स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा।

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