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31.5 लाख पैकेज की नौकरी छोड़ शुरू की तैयारी, अब यूपीएससी मे आया 25वां स्थान

संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission- UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है. झारखंड के जमशेदपुर की श्रुति राज लक्ष्मी को जहां 25वां रैंक मिला है, वहीं देवघर के उत्सव आनंद को 26वां रैंक, आयुष बैंकट को 74वां रैंक और चिरंजीव आनंद को 126वां मिला है. इसके अलावा गिरिडीह शहरी क्षेत्र के गद्दी मुहल्ला निवासी रवि कुमार को 38वां रैंक, गढ़वा की नम्रता चौबे को 73वां रैंक, सरायकेला-खरसावां जिला के आदित्यपुर निवासी सुमित कुमार ठाकुर को EWS कटगरी में 263वां रैंक, लातेहार के मनीष को 246वां रैंक, रजरप्पा निवासी दिव्या पांडेय को 323वां रैंक, धनबाद स्थित छाताबाद के उमर नाजिश को 344वां रैंक, पलामू जिले के पांडु निवासी कुमार सौरभ को 357वां रैंक और गुमला के घाघरा निवासी अंकित बड़ाइक को 667वां रैंक प्राप्त हुआ है.

अपने पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं करने वाली श्रुति राज लक्ष्मी ने अपने दूसरे प्रयास में 25वां स्थान लाकर परिवार के साथ-साथ झारखंड का भी मान बढ़ाया है। आइआइटी बीएचयू से 2019 में कंप्यूटर साइंस में डिग्री लेने वाली श्रुति का मानना है कि ईमानदारी के साथ कोई भी काम करने की जरूरत है। चाहे आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हों या नौकरी। मैंने अपने जीवन में अब तक जो भी किया ईमानदारी के साथ किया हैहूं और पूर्ण विश्वास है कि आगे भी करती रहूंगा।

इस तरह इंटरनेट मीडिया से रहीं दूर

गोल्ड मैन बैंक कंपनी, बेंगलुरु में 31.5 लाख रुपये वार्षिक के पैकेज पर काम कर रही श्रुति नौकरी छोड़ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। बिना कोचिंग के प्रारंभिक परीक्षा से लेकर मुख्य परीक्षा तक की तैयारी की। तैयारी के दौरान फेसबुक और वाट्सएप से पूरी तरह दूर रही। केवल परीक्षा की तैयारी के लिए इंटरनेट मीडिया का उपयोग की। प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी तो रांची में घर पर रहकर ही की। मुख्य परीक्षा के लिए दिल्ली गई और तैयारी का आकलन के लिए टेस्ट सीरीज ज्वाइन की थी। इस बार भी उन्हें उम्मीद नहीं थी, परंतु जब रिजल्ट आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

आदिवासी उत्पादों को नई तकनीक से जोड़ने का विचार

श्रुति ने कहा कि झारखंड कैडर मिलने के बाद यहां के आदिवासी उत्पादों को नई तकनीक से जोड़ने का काम करूंगी। यहां डायन प्रथा को रोकने व स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है। गांव के लोगों को विकास का लाभ मिले, सभी सरकारी योजनाएं उन तक पहुंचे इस पर ध्यान देना होगा। कहा कि आइआइटी में जिसे सीख कर आई हूं, उसका उपयोग गांवों के विकास के लिए करूंगी।

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