15 लाख लोगों को एक रुपये किलो मिलेगा राशन, झारखंड कैबिनेट के अन्य फैसलों को यहां जानें

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झारखंड सरकार राज्य के 15 लाख लोगों को अनुदान पर खाद्यान्न देगी। ये वैसे लोग हैं जिनके पास न राशन कार्ड है और न ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन पाते हैं। जबकि वे सरकार के मापदंड के मुताबिक राशन पाने के पात्र हैं। अब इन्हें एक रुपए प्रति किलो प्रति लाभुक प्रति माह पांच किलोग्राम खाद्यान्न झारखंड सरकार की ओर से दिया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

मंत्रिपरिषद की बैठक में मंगलवार को 29 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। कैबिनेट सचिव अजय कुमार ने बताया कि झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना शुरू करने की स्वीकृति दी गई। इस नई योजना से झारखंड सरकार के मापदंड पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से अनाच्छादित सुपात्र 15 लाख लोगों को अनुदानित दर पर खाद्यान्न उपलब्ध होगा। राज्य में करीब 28 लाख लोग अनाच्छादित हैं। इनमें से 9.5 लाख लोगों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया हुआ है। योजना के लिए 213 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। चयन के लिए जिलेवार-पंचायतवार लाभुकों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।

10 प्रतिशत से कम दर पर भी निविदा : लोक निर्माण के क्षेत्र में निविदा की दर से 10 प्रतिशत से कम दर पर बिडिंग करने वाले को अब खारिज नहीं किया जाएगा। वहीं न्यूनतम दर कोट करने वाले एक से अधिक आवेदक को लॉटरी के माध्यम से वर्कऑर्डर दिया जा सकेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी कोड में संशोधन को मंजूरी दी गई है। 
काम की गारंटी : मुख्यमंत्री श्रमिक (शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार योजना 2020) को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत शहरी इच्छुक श्रमिकों को मांगने पर 15 दिन के भीतर काम दिया जाना है, नहीं तो बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान किया गया है। 

लेखा परीक्षा प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखने को स्वीकृति : 31 मार्च 2018 को समाप्त हुए वर्ष का झारखंड सरकार के राजस्व क्षेत्र पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन झारखंड सरकार के सामान्य, सामाजिक एवं आर्थिक प्रक्षेत्र पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के लेखा परीक्षा प्रतिवेदन को झारखंड विधानसभा के पटल पर रखने की स्वीकृति दी गई। बैठक में 31 मार्च 2019 को समाप्त हुए वर्ष का झारखंड सरकार के राज्य वित्त पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का लेखा परीक्षा प्रतिवेदन को भी विधानसभा के पटल पर रखने को स्वीकृति दी गई। 

पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक: मंत्रिपरिषद की बैठक में पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरी संवेदना जताई गई। देश के लिए इसे अपूरणीय क्षति बताया गया।

कोरोना पर खर्च बढ़ा, 1848 करोड़ कर्ज ले सकेगी सरकार : कोरोना के मद्देनजर अधिक खर्च होने के कारण राज्य सरकार अब 1848 करोड़ रुपए लोन ले सकेगी। जीएसडीपी का तीन प्रतिशत लोन लिया जा सकता है।  झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2020 की स्वीकृति दी गई।

तीन शहरों में जीएसटी मामलों की सुनवाई होगी : रांची, जमशेदपुर और धनबाद में आर्थिक अपराध मामलों के साथ ही जीएसटी से जुड़े मामलों की सुनवाई भी हो सकेगी। ये सिविल जज स्तर के गठित न्यायालय हैं। यहां झारखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम के अंतर्गत दर्ज वादों की सुनवाई करने के लिए शक्तियां प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

राज्य के मेडिकल कॉलेजों के नाम तय किए गए : कैबिनेट ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों के नए नाम को भी मंजूरी दे दी है। धनबाद के पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नाम शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रखने की स्वीकृति दी गई। इसी तरह हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल, दुमका मेडिकल कॉलेज का नाम फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल और पलामू मेडिकल कॉलेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल रखने को मंजूरी दी है। 

आरोपी की गैरहाजिरी में भी होगी सुनवाई : राज्य की अदालतों में अब उन मामलों में भी सुनवाई हो सकेगी, जिनमें आरोपी वर्षों से फरार है और कोर्ट नहीं आ रहा है। केस के गवाह बयान दर्ज करा सकेंगे। कागजातों की जांच हो सकेगी। और जब आरोपी पकड़ में आयेगा तब उसे सजा दी जा सकेगी। इससे संबंधित विधेयक को स्वीकृति दे दी गई है।  वर्तमान में राज्य में जब तक आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होता था तब तक सुनवाई शुरू नहीं हो पाती थी। कैबिनेट ने आपराधिक वाद में अभियुक्त के अनुपस्थित रहने या फरार रहने की स्थिति में भी वाद के विचारण के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 में संशोधन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (झारखंड संशोधन) विधेयक 2020 को स्वीकृति दे दी है।

कैबिनेट के अन्य फैसले
1. रांची के अलावा राज्य के जिलों में सरकारी भवनों, कॉलेज और अस्पतालों में दिव्यांगों के लिए शौचालय और दिशा सूचक की व्यवस्था की जाएगी। 
2. ईंधन के लिए नकड़ी का उपयोग करने पर टैक्स नहीं लगेगा। वहीं बांस को भी बंधेज से मुक्त कर दिया गया है। झारखंड वनोपज नियमावली, 2020 में संशोधन स्वीकृति दी गई।
3. साहिबगंज में अंतर्देशीय जल परिवहन के तहत पानी के जहाजों का रजिस्ट्रेशन, ड्राइवरों को लाइसेंस आदि के लिए झारखंड अंतर्देशीय जलयान  नियमावली, 2020 को स्वीकृति दी गई। 
4. झारखंड मिनिरल बियरिंग लैंड (कोविड-19 पैनडमिक) सेस बिल 2020 को स्वीकृति दी गई।
5. झारखंड भू संपदा (विनियम और विकास) नियमावली 2017 के धाराओं में संशोधन और नए प्रावधान को जोड़ने की स्वीकृति।
6. झारखंड में स्काउट गाइड गतिविधियों के प्रोत्साहन निर्देशिका को स्वीकृति दी गई।
7. वित्तीय वर्ष 2018-19 के वित्त लेखे भाग- क एवं विनियोग लेखे को झारखंड विधानसभा के पटल पर उपस्थापन की स्वीकृति।
8. मनरेगा के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राज्य में कलस्टर फैसिलिटेशन प्रोजेक्ट परियोजना संचालित करने की स्वीकृति दी गई।
9. खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम,1957 की धारा -15 के अंतर्गत झारखंड लघु खनिज समनुदान  नियमावली, 2004 यथा संशोधित में आवश्यक संशोधन करने के संबंध में स्वीकृति दी गई।
10. पंचम विधानसभा का मानसून सत्र 18 सितंबर से 22 सितंबर तक आहूत करने को मंजूरी।
11. झारखंड अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि नियमावली, 2020 के गठन की स्वीकृति दी गई।
12. झारखंड राज्य पुलिस सेवा नियमावली-2012 में संशोधन किए जाने की स्वीकृति दी गई।
13. झारखंड वृत्तियों, व्यापारों, आजीविका और रोजगारों पर कर नियमावली, 2012 के कतिपय नियमों के संशोधन के लिए झारखंड वृत्तियों, व्यापारों, आजीविकाओं और रोजगारों पर कर (संशोधन) नियमावली, 2020 पर मंत्रिपरिषद  की स्वीकृति दी गई ।