सुरेश अंगड़ी: पार्टी जिला प्रमुख से केंद्रीय मंत्री; वो नेता जो कभी नहीं हारा चुनाव

नई दिल्ली. रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी (Minster of State Railways Suresh Angadi) का बुधवार को कोरोन वायरस संक्रमण (Coronavirus) के कारण निधन हो गया. वह 65 वर्ष के थे. 1 जून 1955 को पैदा हुए अंगड़ी कर्नाटक (Karnataka) की बेलगाम (Belgaum) सीट से लोकसभा के सांसद (Loksabha MP) थे. अंगड़ी कर्नाटक के प्रमुख लिंगायत समुदाय (Lingayat Community) से थे, जो विशेष रूप से उत्तरी कर्नाटक में भाजपा का मुख्य चुनावी आधार बनाते हैं. उन्होंने बेलगाम सीट से चार बार जीत हासिल की. इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि अंगड़ी ने लोकसभा चुनाव में कभी हार का सामना नहीं किया क्योंकि उन्होंने पहली बार 2004 में चुनाव लड़ा था और उसके बाद से वह कभी नहीं हारे.

अपने पहले चुनाव में, उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार अमरसिंह पाटिल (Congress candidate Amarsinh Patil) को हराया था. पाटिल दिग्गज राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी वसंत राव पाटिल (Vasant Rao Patil) के बेटे हैं. पांच साल बाद, 2009 के लोकसभा चुनाव में, एक बार फिर अंगड़ी ने पाटिल को हराया. 2014 में कांग्रेस ने एक और चर्चित उम्मीदवार लक्ष्मी आर हेब्बलकर को अंगड़ी के खिलाफ मैदान में उतारा लेकिन मोदी लहर में अंगड़ी ने उन्हें भी हरा दिया. 2019 में हुए पिछले लोकसभा चुनाव में अंगड़ी ने कांग्रेस के उम्मीदवार वीएस साधुन्नवर को हरा दिया.

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पार्टी जिला अध्यक्ष से केंद्रीय मंत्री तककिसान परिवार में पैदा हुए अंगड़ी का जन्म बेलगावी के केके कोप्पा गांव में हुआ था. उन्होंने कॉमर्स से ग्रेजुएशन करने के बाद लॉ की पढ़ाई की. 1996 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले अंगड़ी को बेलगाम जिले में बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया था. 2001 में उन्हें बेलगाम में बीजेपी अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया था.

तीन साल तक इस पद पर बने रहने के बाद अंगड़ी को बीजेपी ने सांसद का चुनाव लड़ने के लिए टिकट दे दिया. इस चुनाव में ही अंगड़ी ने कांग्रेस के तत्कालीन सांसद अमरसिंह पाटिल को हरा दिया और उसके बाद से कोई भी कांग्रेस उम्मीदवार इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाया.