सितंबर की जगह दिसंबर में होगा झारखंड चैंबर का चुनाव, जानें क्यों बढ़ा डेट, क्या है तैयारी

सितंबर की जगह दिसंबर में होगा झारखंड चैंबर का चुनाव, जानें क्यों बढ़ा डेट, क्या है तैयारी

कोरोना के कारण इस बार झारखंड चैंबर (एफजेसीसीआई) का चुनाव सितंबर की जगह दिसंबर में होगा। चैंबर के पदाधिकारियों की तरफ से इसकी औपचारिक घोषणा अगले दो से तीन दिनों में कर दी जाएगी।

चैंबर के नियमों के मुताबिक हर हाल में 30 सितंबर तक नई कार्यकारिणी का गठन कर लेना है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसमें बदलाव किया गया है। पूर्व अध्यक्षों और कार्यकारिणी सदस्य भी चैंबर के पदाधिकारियों के इस फैसले से सहमत हैं। झारखंड चैंबर में लगभग चार हजार सदस्य हैं, जो एक साल के लिए चैंबर के कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव करते हैं। पिछली बार 15 सितंबर को झारखंड चैंबर का चुनाव हुआ था। 

तीन महीने का मिला है समय : झारखंड चैंबर का संचालन रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी (आरओसी) के नियमों के माध्यम से किया जाता है। लॉकडाउन के मद्देनजर आरओसी की तरफ से सभी संस्थाओं को एजीएम या चुनाव के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। ऐसी संस्थाएं जिनकी सिर्फ एजीएम होती हैं, वे ऑनलाइन एजीएम करा सकते हैं। लेकिन झारखंड चैंबर का चुनाव एजीएम का हिस्सा है, इसलिए चैंबर ऐसा करने से बच रहा है। अब चैंबर के पदाधिकारी आरओसी में तीन महीने बाद चुनाव के लिए आवेदन करने की तैयारी में जुट गए हैं।

सचिव को दी जा सकती थी जिम्मेदारी : झारखंड चैंबर के पास फिलहाल तीन विकल्प उपलब्ध थे। पहला तो ये कि तीन महीने बाद चुनाव के माध्यम से नई कार्यकारिणी का गठन करें। दूसरा वर्चुअल एजीएम के माध्यम से इस कार्यकारिणी समिति के कार्यकाल को एक साल तक बढ़ा ले। तीसरा विकल्प यह था कि मौजूदा कार्यकारिणी को भंग कर के झारखंड चैंबर के संचालन की जिम्मेदारी चैंबर के मौजदूा सचिव को दी जा सकती थी। इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद दिसंबर में चुनाव कराने का फैसला लिया गया है।

इनकी सुनें
झारखंड चैंबर अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने कहा कि रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी की तरफ से तीन महीने का समय दिया गया है। दिसंबर में चुनाव होने की संभावना है। झारखंड चैंबर इसके लिए आरओसी को आवेदन दिया है।

झारखंड चैंबर महासचिव धीरज तनेजा ने कहा कि हजारों की संख्या में चैंबर के सदस्य चुनाव में हिस्सा लेते हैं। चुनाव फिलहाल संभव नहीं था। पूर्व अध्यक्षों व सदस्यों की सहमति के बाद दिसंबर में चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है।