सिकटी विधानसभा सीट: बिहार के अररिया जिले के इस क्षेत्र से कई कद्दावर पहुंच चुके हैं सदन तक

सिकटी विधानसभा सीट: बिहार के अररिया जिले के इस क्षेत्र से कई कद्दावर पहुंच चुके हैं सदन तक

नेपाल सीमा से सटे बिहार के अररिया जिले का सिकटी विधान सभा क्षेत्र 1977 में अस्तित्व में आया। इससे पहले यह पलासी विधान सभा क्षेत्र में था। 1977 में अस्तित्व में आने के बाद से यहां दस चुनाव हुए हैं। इनमें तीन-तीन बार कांग्रेस और बीजेपी, दो बार निर्दलीय, एक-एक बार जनता दल और जनता दल यूनाईटेड का कब्जा रहा है।

इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखनेवाले मो. अजीमउद्दीन पांच बार क्रमश: 1962, 1967, 1969, 1972 व 1980 में यहां के विधायक बने तो चार बार मंत्री बने। हरिहर प्रसाद, महामाया प्रसाद, दारोगा प्रसाद, कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद जैसे मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में वे काम कर चुके हैं। खास बात यह कि पांच में चार बार वे निर्दलीय चुनाव जीते। इनमें तीन बार तो तत्कालीन पलासी विस से और दो बार सिकटी से। कांग्रेस के दिग्गज शीतल प्रसाद गुप्ता और रामेश्वर यादव भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में भाजपा के विजय कुमार मंडल का कब्जा है। वे भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 2009 के परिसीमन के बाद इस क्षेत्र में भौगालिक व सामाजिक परिवर्तन हुए। परिसीमन के बाद किशनगंज लोकसभा में शामिल सिकटी विधान सभा को अररिया लोकसभा से जोड़ दिया गया। पहले सिकटी विस क्षेत्र में सिकटी व कुर्साकांटा प्रखंड के अलावा किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की सभी पंचायतें आती थीं, लेकिन परिसीमन के बाद सिकटी व कुर्साकांटा को किशनगंज से अलग कर अररिया में जोड़ दिया गया।

पिछड़ा व अतिपिछड़ा वोटर बाहुल्य क्षेत्र है सिकटी
2009 के परिसीमन के बाद तीन प्रखंडों की 37 पंचायतों को मिलाकर सिकटी विस क्षेत्र का गठन किया गया। इसमें पलासी प्रखंड की दस, सिकटी की 14 व कुर्साकांटा प्रखंड की 13 पंचायतें शामिल हैं। बता दें कि सिकटी विस क्षेत्र शुरू से ही अनारक्षित सीट रहा है। यहां सबसे अधिक पिछड़ा व अतिपिछड़ा वोटर हैं। इसके अलावा मुस्लिम, यादव, महादलित की भी अच्छी संख्या है।

क्षेत्र का रहा है गौरवशाली अतीत
सिकटी विस क्षेत्र का अतीत गौरवशाली रहा है। यह क्षेत्र महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। किदवंती है कि अज्ञातवास काल में भगवान श्रीकृष्ण के आदेश पर भीम ने एरावत हाथी पर 108 कमल पुष्प लाए। इससे माता कुंती ने पांडवों के साथ बाबा सुंदरनाथ धाम व माता पार्वती की पूजा की थी।

बाढ़ व कटाव का दंश रहे हैं लोग
राजनीतिक रूप से समृद्ध सिकटी विस क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। लोगों को सड़क व बिजली की समस्या से काफी हद तक मुक्ति मिली, लेकिन बाढ़ कटाव ने इस क्षेत्र के लोगों को परेशान कर दिया है। क्षेत्र होकर बहने वाली बकरा व नूना से प्रतिवर्ष सैकड़ों एकड़ जमीन का कटाव होता है। नदियां कई सरकारी विद्यालयों व सैकड़ों घरों को निगल चुकी हैं। लेकिन लोगों को बाढ़ व कटाव से अभी तक मुक्ति नहीं मिली है।

कुल मतदाता  2, 79102
पुरुष मतदाता  -1,46343
महिला मतदाता -1,32752
थर्ड जेंडर-07
बूथों की सख्या: 287
पंचायतों की संख्या-37

अब तक चुने गये विधायक:
1977 मो. अजीम उद्दीन- निर्दलीय
1980 शीतल प्रसाद गुप्ता-कांग्रेस (आई)
1985 रामेश्वर यादव- कांग्रेस
1990 मो. अजीमुद्दीन-जद
1995 रामेश्वर यादव-कांग्रेस
2000- आनंदी प्रसाद यादव-बीजेपी
2005 फरवरी- मुरलीधर मंडल-निर्दलीय
2005 नवंबर- मुरलीधर मंडल- जदयू
2010 आनंदी प्रसाद यादव-बीजेपी
2015 विजय कुमार मंडल-बीजेपी