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वर्चस्व की लड़ाई में दो युवकों को मार डाला, बेटे की हत्या से बौखलाए पिता ने पड़ोसियों पर किया हमला

राजधानी पटना से सटे मोकामा थाने के कन्हाईपुर गांव में रविवार को कुख्यात रहे श्याम सुंदर यादव के बेटे नीतीश यादव और कुख्यात महेश यादव के बीच हुए गैंगवार में दो लोगों की हत्या कर दी गई। मरने वालों में अपराधी महेश यादव का बेटा बुल्लू यादव उर्फ गुड्डू (19) और नीतीश यादव का पड़ोसी सागर यादव शामिल है। इस दौरान दोनों ओर से करीब आधे घंटे तक 50 राउंड से अधिक फायरिंग की गई, जिससे पूरे गांव में अफरातफरी मची रही। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में तनाव है तथा पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। 

दरअसल, कन्हाईपुर गांव निवासी कुख्यात अपराधी श्याम सुंदर यादव और महेश यादव के बीच कई वर्षों से अदावत चल रही थी। वर्चस्व कायम करने के लिए दोनों गुट के बीच दर्जनों बार भिड़ंत हो चुकी है। इसमें कई लोगों ने अपनी जान भी गंवाई है। इस बीच कुख्यात श्याम सुंदर यादव के खौफ से महेश यादव पूरे परिवार के साथ गांव छोड़कर भाग गया था। यहां तक कि श्याम सुंदर यादव के दो साल तक जेल में रहने के दौरान भी महेश यादव गांव नहीं लौटा। मगर कुछ माह पहले कुख्यात श्याम सुंदर यादव की जेल में ही मौत हो गई। इसके बाद महेश यादव दोबारा परिवार के साथ गांव लौट आया और श्याम सुंदर यादव के परिवार के साथ अदावत छेड़ दी। 

महेश यादव के खौफ से श्याम सुंदर यादव का बेटा नीतीश यादव, भाई मुकेश यादव गांव छोड़कर भाग गया। इसी बीच रविवार की शाम करीब चार बजे नीतीश यादव अपने चाचा मुकेश यादव, डिपू यादव, नागेश्वर यादव के साथ हथियारों से लैस होकर गांव आया और महेश यादव के घर पर चढ़ाई कर दी। देखते ही देखते दोनों ओर से गोलियां चलने लगीं और करीब आधे घंटे तक 50 राउंड से ज्यादा फार्यंरग हुई। इस दौरान महेश यादव के बेटे बुल्लू यादव की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद नीतीश यादव अपने साथियों के साथ रेलवे लाइन की ओर से टाल इलाके में भाग गया। अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस भी रेलवे लाइन की ओर चली गई। 

बेटे की हत्या से बौखलाए महेश ने पड़ोसियों पर किया हमला
बेटे की हत्या से गुस्साए महेश यादव और उसके परिजन लाठी-डंडों और खंती से लैस होकर आसपास के घरों में हमला कर दिया। सागर यादव और उसके भाई रज्जन यादव को खंती से मारकर लहूलुहान कर दिया। महेश का कहना था कि तुमलोग मेरे विरोधियों के समर्थक हो। इस दौरान काफी देर तक सागर जख्मी हालत में पड़ा रहा। पुलिस लौटने के बाद उसे इलाज के लिए ले गई, लेकिन अधिक रक्तस्राव होने के कारण रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं, उसके भाई रज्जन यादव को इलाज के लिए पटना भेजा गया है।

पुलिस पहुंचती तो बच जाती सागर की जान
ग्रामीणों ने मोकामा पुलिस पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना था कि अगर कुछ पुलिसकर्मी घटनास्थल पर ही रहते तो सागर यादव की जान बच जाती, क्योंकि जब तक पुलिस लौटकर आई तब तक महेश यादव का गुट हमला करके वहां से भाग गया। उधर, घटना की सूचना पर बाढ़ एएसपी अम्बरीश राहुल ने गांव में पहुंचकर स्थिति को संभाला। नीतीश और महेश देर रात तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। ग्रामीण एसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि गोलीबारी में महेश यादव के बेटे और सागर यादव की मौत हो गई है। 

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