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लॉकडाउन की वजह से व्यवसाय हुआ चौपट, कर्ज में डूबे ट्रक मालिक ने तनाव में आकर जान दी 

दो ट्रकों की किस्त नहीं चुका पाने के तनाव में शंकर ओझा (55 वर्ष) ने खुदकुशी कर ली। चास के सुखदेव नगर स्थित मकान के कमरे में शुक्रवार सुबह पंखे से लटका शंकर ओझा का शव मिला। चास पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। 

शंकर ओझा के बेटे विपल्व कुमार ओझा के बयान पर यूडी केस दर्ज किया है। बयान के अनुसार शंकर दो ट्रकों के मालिक थे। लॉकडाउन के कारण ट्रक व्यवसाय पूरी तरह चरमरा गया था। पहले से ही ट्रक की किस्त बकाया थी। लॉकडाउन में बकाया और अधिक बढ़ गया। काम न चलने की वजह से किस्त नहीं दे पा रहे थे। प्राइवेट फाइनेंसर का दबाव बढ़ता जा रहा था।  पिछले कई माह से वे इसे लेकर तनाव में थे। गुरुवार रात पूरे परिवार के साथ खाना खाने के बाद कमरे में सोने चले गए थे। सुबह देर हुई, जगाने गया तो वह गले मे फंदा डालकर पंखे से लटके हुए थे।

होटल व्यवसाय भी ठप : ट्रकों की किस्त चुकाने के साथ मृतक शंकर के सामने परिवार चलाने का भी तनाव था। ट्रक व्यवसाय से जुड़े होने के साथ शंकर चास के होटल नरेश में मुंशी का काम करते थे। परंतु लॉकडाउन के दौरान होटल का व्यवसाय भी पूरी तरह से ठप था। इस वजह से उन्हें परिवार चलाने में भी कठिनाई आ रही थी।  
अब तक 46 लोगों ने दी जान : कोरोना संक्रमण काल में अबतक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में हर उम्र के 46 महिला/पुरुष (थानों में दर्ज यूडी केस के रिकॉर्ड से) ने सुसाइड किया है। मनोचिकित्सक डॉ. के ठाकुर ने कहा कि लोगों को मजबूत होने की जरूरत है। परिवार को समय दें। घर का माहौल खुशनुमा बनाएं।  

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