लालू ने ट्वीट कर नीतीश कुमार पर बोला हमला, कहा- राज्य की सरकार बिहार पर भार है

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राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने ट्वीट के माध्यम से 15 साल की सरकार के विकास के दावे  पर तंज कसा है। रविवार को ट्वीट करके लालू प्रसाद ने राज्य सरकार की 15 साल की खामियां गिनाते हुए तुकबंदी की है। आरोप लगाया है कि राज्य की यह सरकार बिहार पर भार है। 

लालू ने अपने अंदाज में इस तुकबंदी के जरिए कई आरोप मढ़े हैं। लिखा है कि राजग सरकार के सत्ता में आए 15 साल हो गए। पुल-बांध लगातार टूटते रहते हैं। घोटाले होते रहते हैं। हत्या, लूट, डकैती की घटानाएं आए दिन हो रही हैं। राज्य में सुशासन सिर्फ प्रचार में ही दिखता है। आम आदमी डरा रहता है। शिक्षा की बदहाली है। किसान लाचार हैं। महिलाओं पर अत्याचार है। मजदूर बेहाल है। युवा बेरोजगार है। हालात बदतर हो रहे लगातार हैं। प्रवासियों को ठिकाना नहीं है। गरीबों पर महंगाई की मार है। छात्र लाचार हैं। अगर ये सारी बातें सही है तो यह सरकार बिहार पर भार है।

किसानों को क्या सुविधाएं दी थीं, लालू बताएं : सुशील मोदी
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद से पूछा है कि अगर वे कहते हैं कि किसान लाचार हैं तो बतायें कि उनके समय खेती की क्या हालत थी। क्या कोई कृषि रोडमैप बना था? किसानों को बिजली मिलती थी? उपज का समर्थन मूल्य कितना मिलता था?

रविवार को ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद बताएं कि क्या आज की तरह किसानों के खाते में सालाना 6 हजार रुपये डाले जाते थे। क्या उनके राज में बाढ़ पीड़ितों के खाते में कभी सहायता राशि जमा की गई। वे बताएं कि मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर किसने किया था। दरअसल लालू प्रसाद और उनकी पार्टी को बिना तर्क या तथ्य के आरोप लगाने की पुरानी आदत है। इसलिए वे कुछ भी बोलते रहते हैं। वे शिक्षा को बदहाल बताते हैं तो बताएं कि उनके 15 साल में चरवाहा विद्यालय खुलने के सिवाय क्या हुआ। उनके समय में मैट्रिक-इंटर के परिणाम कैसे आते थे? क्या टॉपर घोटाला का मुख्य अभियुक्त लालू प्रसाद का करीबी नहीं था।