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रोजगार के लिए छात्रों ने पीटी थाली, सड़कों पर भी उतरे, सोशल मीडिया पर चलाये जा रहे अभियान का दिखा असर

देश में बढ़ती बेरोजगारी, रेलवे व एसएससी की लंबित परीक्षा कराने की मांग को लेकर युवाओं ने शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर पांच बजे पांच मिनट के लिए थाली, ताली पीटकर विरोध किया। यह विरोध बिहार सहित पूरे देश के युवाओं ने एकजुट होकर किया।

इसके लिए पिछले कई दिनों से युवाओं की ओर से सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा था। पटना में कई अलग-अलग इलाकों में बेरोजगार छात्रों ने अपने घरों की छत पर थाली पीटकर विरोध जाहिर किया। बाजार समिति, शाहगंज, भिखना पहाड़ी, नयाटोला, महेन्द्रू, सैदपुर, चितकोहरा, काजीपुर सहित कई जगहों पर लॉज के छात्रों ने विरोध किया। इसमें परीक्षार्थियों का खूब सहयोग मिल रहा है। 

बिहार में रेलवे और एसएससी की परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक होती है। यही वजह रही कि बिहार के छात्र सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सक्रिय रहे। पटना में कई जगह छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी किया। बिहार की परीक्षाओं का विलंब से लिये जाने का विरोध किया। 

ट्विटर पर ट्रेंड होने लगा हैश टैग 
शनिवार को रेलवे भर्ती परीक्षा की तिथि जारी करने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर छात्रों का आंदोलन तेज होता दिखा। पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर ट्रेंड हो रहे हैश टैग #SpeckUpForSSCRailwaysStudents के बाद शनिवार को हैश टैग #5Baje5Minutes ट्रेंड होने लगा। रेलवे और एसएससी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी हैश टैग #5Baje5Minutes के साथ शनिवार शाम पौने पांच बजे तक 7 लाख से ज्यादा ट्वीट कर चुके थे। शाम होते ही संख्या और बढ़ गई। इस मुहिम के जरिए अभ्यर्थी 5 सितंबर यानि आज 5 बजे एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपना विरोध जताने का आह्वान किया था। अभ्यर्थियों की मांग थी कि आरआरबी, एनटीपीसी भर्ती की परीक्षा तिथि जारी की जाय। इधर, कुछ दिन पहले ही छात्रों के आंदोलन का नतीजा था कि एसएससी की ओर एक सितंबर को परीक्षाओं के रिजल्ट की तिथि जारी की थी। उस वक्त लगभग 35 लाख छात्रों ने ट्विटर पर ट्वीट किया था। छात्रों ने परीक्षा का शिड्यूल जारी होने तक आंदोलन को जारी रखने का आह्वान किया है। 

आइसा के छात्रों ने भी पूरे बिहार में लिया हिस्सा 
शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के लाखों छात्रों ने थाली-ताली पीट कर रोजगार के आवाज को बुलंद किया। छात्र संगठन आइसा और सेव रेलवे जॉब से जुड़े छात्र भी पूरे बिहार में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिये। चितकोहरा से लेकर कई जगहों पर आंदोलन किया। आइसा के बिहार राज्य सह सचिव और सेव रेलवे जॉब आंदोलन के नेतृत्वकर्ता आकाश कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे का निजीकरण-बैंकों को मर्ज- एसएससी में लगातार बहाली घटाते रही है। 2019 फरवरी में रेलवे एनटीपीसी और ग्रुप डी की बहाली रेलवे ने निकाली थी। करोड़ों छात्रों ने 500 रुपये देकर फॉर्म भरे थे लेकिन 2 साल होने को है परीक्षा का कुछ अता-पता नही है।  

एआईएसएफ व एआईवाईएफ ने किया समर्थन 
बेरोजगारी के खिलाफ हुए आंदोलन में एआईएसएफ व एआईवाईएफ ने बेरोजगार युवाओं की मांगों का समर्थन किया। कई जगहों पर थाली पीट कर विरोध जाहिर किया। एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव व एआईवाईएफ के राज्य सचिव रौशन कुमार सिन्हा ने कहा कि मौजूदा केन्द्र सरकार युवाओं को रोजगार दे या गद्दी छोड़ दे। बिहार में भी तमाम विभागों में पद रिक्त पड़े हुए हैं लेकिन युवाओं के साथ धोखा व बिहार सरकार पर्याय बन चुका है। इस बार सरकार ने शिक्षकों से धोखा किया है। 

तकनीकी छात्रों ने दिया समर्थन 
बिहार तकनीकी छात्र संगठन ने बेरोजगारी के खिलाफ थाली पीटा अपना विरोध जाहिर किया। प्रधानमंत्री की भाषा में छात्रों ने उन्हें जबाव दिया है। पांच तारीख, पांच बजे और पांच मिनट थाली बजाकर विरोध किया। बिहार में लंबित परीक्षाओं को समय पर नहीं लेने का विरोध जाहिर किया। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष सौरव पटेल ने कहा कि सरकार युवाओं को दरकिनार कर सत्ता में नहीं रह सकती है। जान बूझकर परीक्षा में विलंब किया जाता है। आंदोलन में अभिषेक सिन्हा, प्रदेश सचिव रौशन जैली सहित कई छात्र मौजूद रहे।

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