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राज्य मंत्रिमंडल ने झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल 2020 के गठन को दी मंजूरी, जानें क्या है इसके नियम, फायदा होगा या नुकसान

राज्य मंत्रिमंडल ने झारखंड लैंड म्यूटेशन बिल 2020 के गठन को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अभी तक झारखंड में ऐसा कोई विधेयक नहीं था जिससे जमाबंदी रद्द करने या म्यूटेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह से परिभाषित किया गया हो। नये बिल में तीन प्रावधान किए गए हैं। पहला, जमीन की दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन देना होगा। इसपर सीओ निर्णय लेंगे। संतुष्ट नहीं होने पर इसके विरुद्ध  डीसी एलआर के पास अपील करना होगा। आगे उपायुक्त या एडिशनल कलेक्टर के यहं भी अपील की जा सकेगी। इस बिल में अवैध जमाबंदी कायम होने या एक ही जमीन का दो जमाबंदी होने पर रद्द करने का प्रावधान किया गया है। पहले यह नहीं था। इसके लिए एडिशनल कलेक्टर को अधिकार दिया गया है। इसके विरुद्ध उपायुक्त और रिविजन मंडल आयुक्त के पास शिकायत की जा सकेगी। इसमें  किसानों के लिए खाता पुस्तिका का प्रावधान किया गया है। पुस्तिका का अंचल स्तर पर वितरण किया जाएगा। 

आरोपी की गैर मौजूदगी में हो सकेगी सुनवाई : राज्य की अदालतों में अब उन मामलों में भी सुनवाई हो सकेगी जिनमें आरोपी वर्षों से फरार है और कोर्ट नहीं आ रहा है। केस के गवाह बयान दर्ज करा सकेंगे। कागजातों की जांच हो सकेगी। और जब आरोपी पकड़ में आयेगा तब उसे सजा दी जा सकेगी। वर्तमान में राज्य में जब तक आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं होता था तब तक सुनवाई शुरू नहीं हो पाती थी। इससे संबंधित विधेयक को स्वीकृति दे दी गई है। कैबिनेट ने आपराधिक वाद में अभियुक्त के अनुपस्थित रहने या फरार रहने की स्थिति में भी वाद के विचारण के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 में संशोधन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (झारखंड संशोधन) विधेयक 2020 को स्वीकृति दे दी है। 

दस प्रतिशत से कम दर पर भी निविदा : लोक निर्माण के क्षेत्र में निविदा की दर से दस प्रतिशत से कम दर पर बिडिंग करने वाले को अब खारिज नहीं किया जाएगा। वहीं न्यूनतम दर कोट करने वाले एक से अधिक आवेदक को लॉटरी के माध्यम से वर्क ऑर्डर दिया जा सकेगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी कोड में संशोधन को मंजूरी दी गई है। 

कोरोना का खर्च बढ़ा 1848 करोड़ कर्ज : कोरोना के मद्देनजर अधिक खर्च होने के कारण राज्य सरकार अब 1848 करोड़ रुपये लोन ले सकेगी। जीएसडीपी का तीन प्रतिशत लोन लिया जा सकता है। अब इसके अलावा उक्त राशि का लोन लिया जा सकेगा। झारखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2020 की स्वीकृति दी गई।

मेडिकल कॉलेज के नाम तय : धनबाद के पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नाम बदल कर शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल रखने की स्वीकृति दी गई। इसी तरह हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, दुमका मेडिकल कालेज का नाम फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और पलामू मेडिकल कालेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रखने को मंजूरी दी गई।

काम की गारंटी : मुख्यमंत्री श्रमिक (शहरी रोजगार मंजूरी फॉर कामगार योजना 2020) को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत शहरी इच्छुक श्रमिकों को मांगने पर 15 दिन के भीतर काम दिया जाना है। नहीं तो बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान किया गया है। 

जीएसटी मामलों की सुनवाई होगी : रांची, जमशेदपुर एवं धनबाद में आर्थिक अपराध मामलों के साथ ही जीएसटी से जुड़े मामलों की सुनवाई भी हो सकेगी। ये सिविल जज (सीनियर डिवीजन) स्तर के गठित न्यायालय हैं। यहां झारखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम- 2017 की धारा-132 के अंतर्गत दर्ज वादों की सुनवाई करने के लिए शक्तियां प्रत्यायोजित करने की स्वीकृति दी गई।
 

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