रणजी खेल चुके मुजफ्फरपुर के अशोक कुमार कोचिंग देने के साथ चयनकर्ता के रूप में निभाएंगे भूमिका

रणजी खेल चुके मुजफ्फरपुर के अशोक कुमार कोचिंग देने के साथ चयनकर्ता के रूप में निभाएंगे भूमिका

बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट एकेडमी ने संयुक्त बिहार (बिहार/झारखंड) से रणजी खेल चुके मुजफ्फरपुर  के अशोक कुमार पाहुजा को लेवल-ए कोच सर्टिफिकेट प्रदान किया है। उन्हें यह सम्मान बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) पटना के कार्यालय में एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने गत दिनों सौंपा।
लेवल-ए कोच सर्टिफिकेट मिलने के बाद अशोक कुमार पाहुजा बिहार रणजी, अंडर-22 समेत अन्य टीमों को कोचिंग देंगे। साथ ही विभिन्न ग्रुपों की टीमों के चयनकर्ता के रूप में भूमिका निभाएंगे। पाहुजा से पहले आलोक सील और नीरज शर्मा को लेवल-ए कोच सर्टिफिकेट मिल चुका है।
पाहुजा ने बताया कि नेशनल क्रिकेट एकेडमी की ओर से पिछले साल 19 से 26 अगस्त तक राजगीर में  लेवल-ए कोचेज कोर्स का आयोजन किया गया था। बीसीसीआई की ओर से तीन ट्रेनर आए थे। ट्रेनरों ने बारीकी से क्रिकेट की टेकनीक और फिटनेस के बारे में जानकारी दी थी। ट्रेनर नानावती के कुशल नेनृत्व में बहुत कुछ सीखने को मिला।
1997-98 सत्र में रणजी खेल चुके अशोक कुमार पाहुजा शहर के घिरनी पोखर क्रिकेट क्लब से अपने कॅरियर की शुरुआत की। शुरुआती में वे हॉकी और फुटबॉल भी खेले। बीआरए बिहार विवि हॉकी व क्रिकेट टीम का भी प्रतिनिधित्व किया। बाद में डीवाईएमसीसी, करबिगहिया और सोनपुर रेल मंडल क्रिकेट टीम में अपनी सेवा दी।
उन्होंने मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर टीम की कप्तानी भी की। पटना टीम का भी प्रतिनिधत्व किया। रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट में उड़ीसा व त्रिपुरा के खिलाफ बिहार टीम का हिस्सा बने। 90 के दशक में मुजफ्फरपुर में पाहुजा की तूती बोलती थी। विकेटकीपर, क्षेत्ररक्षण और बैटिंग में अशोक पाहुआ का ऋकोई सानी नहीं था।