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मोहनियां विधानसभा सीट: मंत्री और सांसद देने वाला क्षेत्र रहा है कैमूर जिले का यह सुरक्षित सीट

कैमूर जिले का एकमात्र सुरक्षित विधानसभा सीट मोहनियां से जीते विधायक कैबिनेट मंत्री व सांसद तक की यात्रा तय किए हैं। वैसे तो यह विधानसभा  क्षेत्र समाजवाद का गढ़ रहा है, लेकिन वर्ष 2015 में हुए उपचुनाव में पहली बार भाजपा का कमल खिल पाया। 

उसके बाद 2015 के आम चुनाव में दूसरी बार निरंजन राम भाजपा के टिकट पर विजयी होकर समाजवाद के किले में भगवा ध्वज फहराये। इनके पहले वर्तमान सांसद छेदी पासवान जदयू के टिकट पर दो बार विधायक रहे। पहली बार 2005 में जब वे मोहनियां से विधायक बने तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें भारी भरकम मंत्रालय भवन निर्माण विभाग दिया था। दूसरी बार विधायक बनने पर जब उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया तो पार्टी नेतृत्व से बगावत कर भाजपा में शामिल हो गये। 

वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर उनके सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में सांसद के भजीते चन्द्रशेखर पासवान को जदयू से टिकट मिला। उस उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी निरंजन राम विजयी हुए। इस बार फिर जदयू इस सीट पर दावेदारी कर सकता है। जदयू से पहले यह सीट राजद के कब्जे में थी, जिसके टिकट पर बसपा से दो बार विधायक रहे सुरेश पासी चुनाव जीते थे। शुरू में मोहनियां सामान्य सीट थी। सबसे पहले 1952 में कांग्रेस से रामनगीना सिंह इस सीट से विधायक बने। उसके बाद 1957 में बद्री सिंह ने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से समाजवाद का झंडा लहरा दिया। 1969 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के ही भगवत प्रसाद विधायक बने। 1980 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने महावीर पासवान 1985 में भी जीत का परचम लहराया व प्रदेश में मंत्री बने।

महागठबंधन में कांग्रेस और राजद दोनों की दावेदारी
तीन दशक पूर्व पांच बार मोहनियां विधानसभा जीतने वाली कांग्रेस को पिछली विधानसभा में महागठबंधन से टिकट मिलने के बाद इस बार भी उसकी दावेदारी की बात कही जा रही है। वैसे तो राजद एक ही बार इस सीट से चुनाव जीता है, लेकिन अपने मजबूत संगठन, जातीय समीकरण व समाजवाद के गढ़ के बदौलत उसकी दावेदारी इस बार प्रबल हो गई है। पिछले आम चुनाव में राजद समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार 7581 वोट से चुनाव हार गये थे। हालांकि इस बार कांग्रेस के कई दावेदार ताल ठोक रहे हैं। अब देखना है कि महागठबंधन की ओर से यह सीट किसके खाते में आती है।

अब तक मोहनियां से कोई महिला नहीं बनी हैं विधायक
कैमूर की चारों विधानसभा सीटों में से अगल-बगल के विधानसभा क्षेत्र रामगढ़ व भभुआ विधानसभा से महिला विधायक सदन में जा चुकी हैं, लेकिन मोहनियां विधानसभा से महिला प्रत्याशियों को सफलता नहीं मिल पायी है। इस बार कुछ राजनीतिक दलों से महिला प्रत्याशियों की दावेदारी बढ़ती हुई दिख रही है। करीब आधा दर्जन महिला प्रत्याशियों की दौड़ विभिन्न दलों में देखी जा रही है। कुछ महिला प्रत्याशी तो पिछले कई महीनों से सघन जन सम्पर्क अभियान भी चला रही हैं। अब देखना है कि कौन सा दल महिला प्रत्याशियों को मौका देता है और विधानसभा के मतदाता कितना उन्हें पसंद करते हैं।

वर्ष    जीते प्रत्याशी    पार्टी
1952    रामनगीना सिंह    कांग्रेस
1957    बद्री सिंह    प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1962    मंगल चरण सिंह    कांग्रेस
1969    भगवत प्रसाद    प्रजा सोशलिस्ट पार्टी
1972    सुरेश कुमार    कांग्रेस
1977    राम कृष्ण राम    जनता पार्टी
1980    महावीर पासवान    कांग्रेस
1985    महावीर पासवान    कांग्रेस
1990    शिवधार पासवान    जनता दल
1995    सुरेश पासी    बसपा
2000    सुरेश पासी    बसपा
2005    सुरेश पासी    राजद
2005    छेदी पासवान    जदयू
2010    छेदी पासवान    जदयू
2015    निरंजन राम    भाजपा
2015    निरंजन राम    भाजपा
   
256389 हैं कुल मतदाता मोहनियां विधानसभा क्षेत्र में
135123 कुल संख्या है पुरुष मतदाताओं की
121266 महिला मतदाता हैं मोहनियां विस क्षेत्र में
33 पंचायत व दो प्रखंड क्षेत्र हैं इस विधानसभा क्षेत्र में
285 मतदान केन्द्र हैं मोहनियां विधानसभा क्षेत्र में
 

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