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महाराष्ट्र के राज्यपाल से मुलाकात कर बोलीं कंगना रनौत, राजनीति से मेरा लेना-देना नहीं, उम्मीद कि मिलेगा न्याय

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने शिवसेना से जारी तकरार के बीच में रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान कंगना ने पिछले दिनों उनके दफ्तर पर चले बीएमसी के बुल्डोजर से लेकर ताजा घटनाक्रम के बारे में राज्यपाल को जानकारी दी। कंगना रनौत और राज्यपाल के बीच में यह मुलाकात तकरीबन पौने घंटे तक चली।

राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कंगना रनौत ने कहा कि वह कोई नेता नहीं हैं और उन्हें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा। कंगना ने कहा, ‘मैंने राज्यपाल से मेरे साथ हुए अन्याय के बारे में बात की। वे यहां पर हमारे गार्जियन हैं। जिस तरह से मेरे साथ हुआ सुलूक हुआ है, उसी के बारे में मैंने उन्हें बताया। मुझे उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा, ताकि हमारे देश की जो बच्चियां हैं, उनका विश्वास सिस्टम में वापस लौटे। मैं कोई नेता नहीं हूं और न ही राजनीति से कोई लेना-देना है। आज अचानक से मेरे साथ अभद्र व्यवहार हुआ है। राज्यपाल साहब ने बेटी की तरह सुना और मुझे उम्मीद है कि न्याय मिलेगा।’ 

इससे पहले संजय राउत ने कहा था कि हमने किसी से नहीं कहा कि बाहर जाइए। आप महाराष्ट्र, मुंबई में आकर काम करिए और इसे अपना मान लीजिए। लाखों प्रवासी मजदूर लॉकडाउन में बाहर चले गए और फिर से वापस आ रहे हैं। उन्हें शहर और राज्य के बारे में इज्जत है, तभी वापस आ रहे हैं। राउत ने कहा, ‘महाराष्ट्र में किसी को लगता है कि यदि तमाशा ही करना है तो वह करता रहेगा। हम उनके पीछे क्यों भागें।’

एक्ट्रेस कंगना रनौत और शिवसेना के बीच में तनातनी की शुरुआत तब हुई थी, जब एक्ट्रेस ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद मुंबई पुलिस और मुंबई को लेकर मोर्चा खोल दिया था। एक्ट्रेस ने आरोप लगाया था कि बॉलीवुड इंडस्ट्री में 99 फीसदी एक्टर-एक्ट्रेस ड्रग्स लेते हैं और मुंबई पुलिस सुशांत मामले की जांच सही से नहीं कर रही है। इसके बाद, कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से कर दी थी, जिसके बाद बवाल शुरू हो गया। शिवसेना संजय राउत और कंगना रनौत के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बीएमसी ने कंगना के दफ्तर को लेकर नोटिस थमा दिया। इसके 24 घंटे के भीतर ही बीएमसी ने कंगना के दफ्तर के एक हिस्से को तोड़ भी दिया।

मेरी चुप्पी का मतलब कमजोरी नहीं: उद्धव ठाकरे

कंगना रनौत से शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार के टकराव के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को राज्य की जनता को संबोधित किया। हालांकि, उन्होंने इशारों में कहा कि उनकी चुप्पी को कमजोरी ना समझा जाए। ठाकरे ने कहा कि अभी उनका ध्यान कोरोना पर है, वह सही समय पर इस पर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। सर्वाधिक कोरोना केसों और सबसे अधिक मौतों वाले राज्य के सीएम ने कहा कि उनकी सरकार कोविड-19 के हालात से निपटने के लिए प्रभावी तरीके से काम कर रही है।

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