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भागलपुर में SC-ST केस में आरोपियों की गिरफ्तारी पर बवाल, पुलिस पर पथराव, NH- 80 जाम

बिहार के भागलपुर में एससीएसटी केस के नामजद सात आरोपियों को गिरफ्तारी पर जमकर बवाल हुआ। मामला नाथनगर थाना के भुआलपुर पंचायत के मुरारपुर इलाके का है। गिरफ्तारी की बात सुन दर्जनों ग्रामीण एकजुट हो गए और मुरारपुर चौक स्थित एनएच-80 पर बवाल करना शुरू कर दिया।

आक्रोशित ग्रामीण महिलाओं ने भी आवाज बुलंद किया और लगातार आरोपियों को थाने से छोड़ने के लिए एनएच-80 पर पुलिस प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की। पूरे चार घंटे तक ग्रामीणों ने एंबुलेंस समेत सैंकड़ों वाहनों को दोनों तरफ रोके रखा। 

नाथनगर थाने में पुलिस जवानों की कमी होने के कारण पुलिस घटनास्थल पर जाने से परहेज करती रही। उसके बाद अतिरिक्त कमांडो पुलिस बल, महिला पुलिस समेत चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची तो ग्रामीण और आक्रोशित हो गए। सीओ नाथनगर राजेश कुमार पर जलता हुआ टायर गले में डाल दिया। उपद्रवियों ने नाथनगर इंस्पेक्टर को टारगेट कर ईंट से चेहरे पर मारकर घायल कर दिया। बीच बचाव को दौड़े कई कमांडो पुलिस जवानों पर जलता हुआ टायर ग्रामीणों ने फेंका। 

मीडिया कर्मियों से भी बात करने को राजी नहीं हुए। पुलिस के कई बार समझाने के बावजूद लोग नहीं मानें और लगातार ईंट पत्थर फेंकते रहे। अंत में प्रशिक्षु आईपीएस व लॉ एंड आर्डर डीएसपी की मौजूदगी में पुलिस ने सख्ती करते हुए ग्रामीणों पर लाठियां बरसायीं और उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान एक घर में छिपे दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इसका विरोध महिलाओं ने शुरू कर दिया और पुलिस के साथ नोकझोंक शुरू कर दी। महिला पुलिस ने आकर दो ग्रामीण महिलाओं को भी हिरासत में लिया।
 
सीओ राजेश कुमार ने बताया कि उक्त जमीन रैयती है जो सिकंदर रजक के नाम से है। सिकंदर ने उससे जमीन मालिक से खरीदा है जिसके कागजात सही है। लेकिन उसी जमीन को किसी दूसरे मालिक ने ग्रामीणों को धार्मिक स्थल बनवाने के नाम पर दान में दे दिया है। इसी को लेकर विवाद बढ़ा है। नाथनगर इंस्पेक्टर मो. सज्जाद हुसैन ने बताया कि सरकारी काम मे बाधा पहुंचाने, एनएच 80 को जाम करने, पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों पर पत्थरबाजी व आग फेंकने के आरोप में ग्रामीणों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। मुरारपुर में लॉ एंड आर्डर भंग न हो इसके लिए महिला पुलिस समेत कमांडो जवानों की तैनाती इलाके में की गयी है।

पूर्व में भी हो चुकी है मारपीट
पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि अनिरुद्ध मंडल ने बताया कि 18 जुलाई को सिकंदर रजक व ग्रामीणों के बीच जमकर मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में सिकंदर का सिर फट गया था। पीड़ित ने कुल 14 लोगों पर एससीएसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करायी थी। घटना को सत्य पाते हुए वरीय अधिकारियों द्वारा केस ट्रू कर दिया गया और गिराफ्तारी का आदेश नाथनगर पुलिस को मिला। शनिवार को नाथनगर पुलिस ने कुल सात नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पर बिठा लिया और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की बात कही। हिरासत की बात जानकर ग्रामीण व उनके परिजन उग्र हो गए और सीधे मुरारपुर चौक पर दोपहर एक बजे पहुंचकर पुलिस प्रशासन के विरोध में एनएच पर चौकी खटिया, बांस बल्ला लगाकर चार घंटे तक जाम कर दिया। 

झूठे केस में फंसाया गया 
मुरारपुर निवासी ग्रामीण अनिल मंडल ने बताया कि पूरा गांव एक तरफ है। अकेले सिकंदर रजक पूरे समाज से लड़ाई लड़ रहा है। धार्मिक स्थल पर आज प्लास्टर का काम शुरू होने वाला था। जहां समझौता के नाम पर नाथनगर पुलिस ने कुछ नामजद लोगों को बुलाकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद विरोध हुआ और एनएच 80 जाम किया गया। ग्रामीण महिलाओं ने बताया सिकंदर रजक व उसके परिवार वालों ने मुकदमा कर गलत आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज करायी है जिसका पूरे गांव में विरोध है। 
 

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