बेंगलुरु हिंसा: NIA की 30 जगहों पर छापेमारी, मुख्य षडयंत्रकारी बैंक रिकवरी एजेंट गिरफ्तार

नई दिल्ली. बेंगलुरु (Bengaluru) में पिछले महीने हुई हिंसा की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) ने गुरुवार को कहा कि उसने यहां 30 स्थानों पर तलाशी ली है और फरार चल रहे एक मुख्य षडयंत्रकर्ता को गिरफ्तार भी किया है. एनआईए ने गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सैयद सादिक अली के रूप में बताई है, जो एक बैंक का वसूली एजेंट है. जांच एजेंसी ने बताया कि वह 11 अगस्त से फरार था, जब 3,000 से अधिक लोगों ने हिंसक तरीका अपनाते हुए कांग्रेस विधायक आर अखंड श्रीनिवास मूर्ति (Congress MLA R Akhanda Srinivasa Murthy), उनकी बहन जयंती और देवारा जीवनहल्ली (DJ Halli) के आवासों तथा कडुगोंडनहल्ली (KG Halli) पुलिस थाने को आग लगा दी थी.

उल्लेखनीय है कि जांच एजेंसी ने कुछ ही दिन पहले उन दो मामलों की जांच की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है, जिनमें शहर की पुलिस ने गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आरोप दर्ज किये थे. एनआईए ने बताया तलाशी के दौरान उसे एयरगन, पैलेट्स, धारदार हथियार, लोहे की रॉडें, डिजिटल डिवाइस, डीवीआर और कई सारे दस्तावेज बरामद हुए हैं. ये सभी चीजें सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़ी हुई हैं, जिन्हें एनआईए ने जब्त कर लिया है.

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बता दें बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक के एक करीबी रिश्तेदार द्वारा सोशल मीडिया पर कथित तौर पर एक भड़काऊ पोस्ट डालने के बाद हिंसा भड़क गई थी.आरोपियों के कई आतंकियों और हमलों के आरोपियों से संबंध
इससे पहले, पुलिस को यह सबूत मिले थे कि इस मामले से जुड़े कई आरोपियों के अतीत में आतंकी या सांप्रदायिक हमलों के आरोपियों के साथ संबंध थे, जिसमें दिसंबर 2014 में बेंगलुरु में चर्च स्ट्रीट बम विस्फोट भी शामिल था.

पुलिस सूत्रों ने बताया कि केजी हल्ली इलाके में हुए दंगों से जुड़े मामलों में 380 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई के एसडीपीआई और अल हिंद जैसे संगठनों से भी संबंध हैं, जो एक कट्टर आतंकवादी समूह हैं.