बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए वामदलों ने शुरू किया प्रचार अभियान, जानें क्या है रणनीति

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बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर वामदलों ने प्रचार-प्रसार तथा बैठकों का दौर युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। वामदलों के चुनाव प्रचार का मुख्य आधार लोगों से मिलना और छोटी-छोटी मीटिंग करना तो है ही, साथ ही साथ तीनों दल सीपीआई, सीपीआईएम और भाकपा-माले ने सोशल मीडिया का उपयोग की तैयारी भी कर ली है।

तीनों ही पार्टियां अपने-अपने कार्यालय में सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर प्लेटफॉर्म भी तैयार कर लिया है। इसमें कुछ लोगों की तैनाती भी कर दी गई है। कोरोना महामारी को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा के साथ ही सभी प्रचार करने का निर्देश पार्टियों ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया है। 

जिलों में कराया जा रहा सर्वे 
सीपीआई राज्य सचिव मंडल सदस्य रामबाबू कुमार ने कहा कि सभी जिलों में सर्वें करा करे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में 100 गांवों का चयन कर सर्वे शुरू किया गया है कि बेरोजगारों और कोरोना महामारी में जो लोग बाहर से लौटे हैं, उनके काम की अभी क्या स्थिति है? कोरोना से जो संक्रमित हुए, उन्हें क्या दिक्कतें आईं। बाढ़ में फंसे लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इसके माध्यम से लोगों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। 21 सितंबर तक यह सर्वे चलेगा। साथ ही बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। सभी जिलों में बैठक की जाएंगी। आगे और क्या-क्या करना है, इसकी योजना बनाई जा रही है। वर्चुअल और सोशल मीडिया को भी हमलोग एक्टिवेट कर रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा फेसबुक और वाट्सएप के माध्यम से लोगों से संपर्क कर रहे हैं। इसको लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण भी पार्टी द्वारा आयोजित की गई थी। हर जिले के चार-पांच साथी मुख्य रूप से इस कार्य में लगाए जाएंगे, लेकिन ज्यादा से ज्यादा लोगों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने पर ही हमलोगों का फोकस होगा। 

घर-घर जाकर लोगों से मिल रहे 
सीपीआईएम के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि अपने कार्यकताओं को कहा गया है कि वे ज्वलंत मुद्दों को लेकर घर-घर जाएं। लोगों से मिलें और खास तौर से एनडीए सरकार की विफलताओं को उनके सामने रखें। 26 अगस्त से इस कार्य को शुरू कर दिया गया है। महामारी को लेकर कहा है कि मास्क अनिवार्य लगाएं तथा जानता को भी इसके लिए जागरूक करें। फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखें। पार्ट के हेड क्वार्टर में सोशल मीडिया के लिए जगह चिह्नित किया है। जिलों-जिलों में वाट्सएप ग्रुप भी बन रहे हैं। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भी इस तरह के ग्रुप बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया गया है। सोमवार को ही हर जिले के पांच-पांच सदस्यों के साथ ऑनलाइन बैठक की गई है। सभी को कहा गया है कि गांव-कस्बा में जाएं और लोगों को एनडीए सरकार के खिलाफ वोट डालने के लिए प्रेरित करें। उन्हें समझाएं। 

बूथ स्तर तक वाट्सएप ग्रुप बना है 
माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि वर्चुअल प्रचार के हिसाब से बूथ स्तर तक वाट्सग्रुप हमलोगों ने बनाया है। नेता और प्रत्याशी हर बूथ तक के लोगों के पास वाट्सग्रुप के माध्यम से अपनी बात पहुंचाएंगे। सोशल मीडिया की टीम राज्य और जिला स्तर पर बनी है। पार्टी कार्यालय में इसको लेकर वार रूम भी बनाया गया है। साथ ही गांवों में जनता से मिलकर अपनी बात रखने का भी कार्यक्रम हमलोगों का चल रहा है। जनता के साथ संपर्क स्थापित कर सरकार की वादाखिलाफी के बारे में बताया जा रहा है। घर-घर संपर्क भी साथ-साथ चल रहे हैं। बूथ कमेटी के लोग नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्र में संपर्क स्थापित कर रहे हैं।