बिहार विधानसभा चुनाव 2010 में एनडीए की बड़ी जीत, तीन चौथाई से अधिक सीटों पर परचम

bihar cm nitish kumar and dy cm sushil modi  file pic

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली तत्कालीन एनडीए सरकार पर पूरा भरोसा जताते हुए राज्य की जनता ने वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में बहुत बड़ी जीत जदयू-भाजपा गठबंधन की झोली में डाली। परिणाम हुआ कि एनडीए ने तीन चौथाई से अधिक सीटों पर कब्जा किया।

243 में से 206 सीटें एनडीए को मिलीं, जो कुल सीटों का करीब 85% होता है। इस चुनाव में जदयू के 141 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 115 को जीत मिली। इसी प्रकार भाजपा के उम्मीदवार 102 सीटों पर चुनाव लड़े, जिनमें 91 विजयी हुए। नीतीश कुमार लगातार फिर मुख्यमंत्री तो सुशील कुमार मोदी उपमुख्यमंत्री बने। इस चुनाव में राजद को सिर्फ 22 तो कांग्रेस को चार सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। 

90 पार्टियां चुनाव मैदान में उतरीं
: इस चुनाव में 90 पार्टियां  मैदान में  थीं। इनमें 82 पार्टियों का खाता भी नहीं खुल सका था। 1342 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़े थे, जिनमें छह विजयी हुए थे। निर्दलियों ने 13.22 प्रतिशत वोटों पर अपना कब्जा किया था। यह चुनाव छह चरणों में संपन्न हुआ। पहला चरण 21 अक्टूबर तो छठा चरण का मतदान 20 नवंबर को हुआ था। 
 
गठबंधन को नहीं मिला समर्थन
2010 के चुनाव में राजद और लोजपा एक साथ चुनाव मैदान में उतरे थे, पर जनता का इस गठबंधन को समर्थन नहीं मिला। राजद के खाते में 22 तो लोजपा के खाते में सिर्फ तीन सीटें गईं। गठबंधन के तहत राजद 168 तो लोजपा 75 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। राजद की स्थापना के बाद से यह चौथा चुनाव था। अब तक की सबसे कम सीटें राजद को मिलीं। कांग्रेस अकेले इस चुनाव में मैदान में उतरी थी। पहली बार कांग्रेस को इतनी कम मात्र चार सीटें ही मिलीं। सीपीआई को महज एक सीट मिली तो सीपीएम और भाकपा माले का खाता भी इस चुनाव में नहीं खुल सका था। 

कुल मतदाता 55100000
मतदाता मतदान किए 29000000
मतदान का प्रतिशत 52.67  

उम्मीदवार मैदान में उतरे
3523 

कुल सीटें : 243 
एससी     38
सामान्य      203
एसटी     02