बिहार विधानसभा चुनाव: सन् 1985 में  चुनावी हिंसा के बीच कांग्रेस ने 196 सीटें हासिल कर बाजी मारी

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बिहार में 1985 के विधानसभा चुनाव में हिंसा के बीच कांग्रेस ने बाजी जीत ली थी और 1980 के बाद पुनः सत्ता की बागडोर संभाली थी। राज्य में सामाजिक एवं जातीय गोलबंदी का एक नया दौर शुरू हो गया था। इस चुनाव के पहले बिक्रमगंज, सीतामढ़ी, दलसिंहसराय, मोतिहारी, बेतिया सहित कई इलाकों में हिंसक घटनाओं ने चुनाव की रूपरेखा तैयार कर दी थी।

मसौढ़ी, हटिया, नालंदा में प्रत्याशियों की हत्या कर दी गई थी। कांग्रेस प्रत्याशी जनेश्वर प्रसाद सिंह की मसौढ़ी में उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। वहीं, हटिया विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी आईपीएफ के समर्थन से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी विष्णु महतो चुनाव मैदान में उतरे थे, उनकी भी हत्या कर दी गई। दूसरी ओर नालंदा के निर्दलीय प्रत्याशी महेंद्र प्रसाद की हत्या उनके घर मे ही कर दी गई थी। वहीं, बोकारो के निर्दलीय प्रत्याशी बनवारी राम की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हो गई थी। 

पारा मिल्ट्री की 200 कंपनियां लगाई गईं
चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने पारा मिल्ट्री की 200 कंपनियों को लगाया था। वहीं, चुनाव के पहले से ही आयोग के सचिव आरपी भल्ला पटना में कैम्प कर गए थे। चुनाव में बिहार पुलिस और होमगार्ड को भी लगाया गया था। हर बूथ पर स्थायी पुलिस बल तैनात किया गया था। 

चुनावी हिंसा में 69 लोगों की हुई थी मौत  
1985 के चुनाव में हुई हिंसा में 69 लोगों की मौत हुई थी। 1370 हिंसक घटनाएं हुई थीं। चुनाव के दिन 310 घटनाएं हुईं, जिनमें 49 लोगों की मौत हुई थी। बूथ लूट की भी कई घटनाएं सामने आई थीं। चुनाव के दिन करीब एक हजार लोग गिरफ्तार किए गए थे।

कांग्रेस 196 तो भाजपा 16 सीट पर जीती
इस चुनाव में कांग्रेस ने 196 तो भाजपा ने 16 सीटें जीती थीं। कांग्रेस ने 323 तो भाजपा ने 234 उम्मीदवार खड़े किए थे। लोकदल सबसे बड़े विपक्ष के रूप में सामने आया था। लोकदल ने 261 उम्मीदवार खड़े किए, जिनमें 46 जीते। जनता पार्टी के 229 उम्मीदवारों में 13 जीते। भाकपा के 167 प्रत्याशियों में 12 तो माकपा के 44 में से एक जीते। आईपीएफ के 85 उम्मीदवारों में एक भी नहीं जीती।  झामुमो 57 सीटों पर लड़ी, 9 जीती। 

मतदान
56.27 फीसदी  
कुल मतदाता
43880751 
मतदान का प्रयोग
24692328 
मतदान केंद्र
56624 
एक बूथ 
775 मतदाता

103 महिला प्रत्याशियों में से मात्र 13 को मिली जीत
324 सीटों में 309 पर पुरुष प्रत्याशियों ने मारी बाजी 

 
पार्टी          सीटें जीती 
कांग्रेस        196
भाजपा        16
सीपीआई      12
सीपीएम        01
इंडियन कांग्रेस (सोशलिस्ट) 01
जनता पार्टी     13
लोकदल        46
झारखंड मुक्ति मोर्चा  09
सुराज्य पार्टी        01
निर्दलीय            24