बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी लेने पहुंची केंद्रीय टीम, पीड़ितों का छलका दर्द, कहा- राहत के 6 हजार रुपये नहीं मिले

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मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ से हुई क्षति का आकलन करने गुरुवार को दो सदस्यीय केंद्रीय टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। टीम में वित्त मंत्रालय के निदेशक दीपेंद्र कुमार व कृषि मंत्रालय के निदेशक वीरेंद्र सिंह शामिल थे। केंद्रीय टीम के सदस्यों ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इसमें डीएम डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने बाढ़ से जिले में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से बाढ़ पूर्व तैयारी, बाढ़ के समय राहत व बचाव कार्य और बाढ़ के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई क्षति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

बोचहां के मझौली में टीम ने बर्बाद हुई फसलों को देखा। उनसर पंचायत के कई मोहल्लों में लोगों से बाढ़ में हुई क्षति और राज्य सरकार से मिली राहत सहायता की जानकारी ली। बाढ़ के दौरान फूड पैकेट वितरण व रसोई के बारे में पूछा तो लोगों ने बताया कि उन्हें यह सब मिला है। हालांकि, दर्जनों लोगों ने बाढ़ राहत के छह हजार रुपये नहीं मिलने की शिकायत की है। 

वहीं डीएम ने टीम को बताया कि जिले के 15 प्रखंड की कुल 287 पंचायत और 3156 गांवों की कुल 2266565 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। 198 पंचायत पूरी तरह और 89 पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। डीएम ने टीम को बताया कि मीनापुर प्रखंड में सबसे अधिक 315693 आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। मोतीपुर में सबसे कम 26020 आबादी प्रभावित हुई। डीएम ने केंद्रीय टीम को बताया कि गृह क्षति का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। पशु क्षति 15 व मानव क्षति छह हुई है।

108532.88 हेक्टेयर फसल बर्बाद
डीएम ने टीम को जानकारी दी कि बाढ़ से 108532.88 हेक्टेयर खरीफ फसल बर्बाद हो गई है, जो जिले के कुल आच्छादित रकबा का 67.75 फीसदी है। जिले में बाढ़ के कारण 655 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसमें ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल पश्चिमी-95, प्रमंडल पूर्वी-1 में 250, ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल पूर्वी-2 में 281 और पथ निर्माण प्रमंडल-1 में 22, पथ निर्माण प्रमंडल-2 में सात सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

कटरा में सरकारी सहायता की ली जानकारी
केंद्रीय टीम बाढ़ से हुई क्षति का जायजा लेने कटरा व बोचहां गई। कटरा के बाढ़ प्रभावित सोनपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त सड़कों व नष्ट फसलों को देखा। लोगों से अब तक सरकार से उपलब्ध कराई गई सहायता के बारे में जानकारी ली। टीम ने कटरा प्रखंड मुख्यालय में में बीडीओ, सीओ व अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। अधिकारियों से प्रभावित परिवार के बीच चलाए गए सामुदायिक किचेन के वाउचर की मांग की। हालांकि, वाउचर अधूरा रहने के कारण टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

तटबंध निर्माण ठप रहने का कारण पूछा
केंद्रीय टीम ने कटरा के बकुची स्थित बागमती नदी पर बने पीपा पुल का भी जायजा लिया। एसडीओ पूर्वी से नदी की भौगोलिक स्थिति व तटबंधों के बारे में जानकारी ली। एसडीओ ने बताया कि नदी के दोनों तरफ तटबंध का निर्माण कार्य किया गया है। गंगिया से आगे निर्माण कार्य रुका है। टीम ने कार्य रुकने का कारण पूछा तो एसडीओ ने बताया कि किसान को मुआवजा राशि का भुगतान न होने के कारण निर्माण कार्य ठप है।