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बिहार में कोरोना संकट के बीच आज से ट्रकों का बेमियादी चक्का जाम, खाद्यान आपूर्ति ठप होने की आशंका

बिहार में ट्रकों की बेमियादी हड़ताल आज यानि सोमवार सुबह छह बजे से शुरू हो गई है। ट्रकों के चक्का जाम को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। हड़ताल से राज्य में फल, फूल, सब्जी और अन्य खाद्यान की आपूर्ति ठप होने की आशंका है। हालांकि जरूरी सेवाओं की आपूर्ति को हड़ताल से अलग रखा गया है। 

हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने सामानों की कालाबाजारी करने वालों को पकड़ने के लिए धावादल गठित कर दिया है। सामानों की किल्लत बताकर कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी। हालांकि बिहार ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन ने हड़ताल से जरूरी सेवाओं को अलग रखने का ऐलान किया है। दूध, दवा व इमरजेंसी सेवा को हड़ताल से अलग रखा गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सुबह छह बजे से ट्रकों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लग जाएगी। 

उन्होंने बताया कि 20 सूत्री मांगों को लेकर यह अनिश्चिकालीन हड़ताल है। पिछले साल भी 14 सूत्री मांगों को हड़ताल की घोषणा की थी, सरकार ने आश्वासन दिया था कि सारी मांगें पूरी की जाएगी। लेकिन कोई पहल नहीं हुई। लॉक डाउन में ट्रक मालिकों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है। इसके बाद भी ट्रक मालिकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। 

टैक्स माफ करने की मांग
एसोसिएशन की मांग है कि ट्रक मालिकों को 01 मार्च 2020 से 31 मार्च 2021 तक के रोड टैक्स को अविलम्ब पूर्णतः माफ किया जाय। फिटनेस, परमिट, बीमा एवं लाइसेंस सहित अन्य कागजातों की वैधता 31 मार्च 2021 तक बढ़ाई जाय। ट्रक मालिकों की माली हालत को देखते हुए बिहार सरकार डीजल पर अपने राज्य उपकर टैक्स को अविलम्ब वापस लें। गैरकानूनी ढंग से, सरकारी बैंक, प्राइवेट फाइनेन्स कम्पनी प्राइवेट बैंक के गुडों के द्वारा सरेआम रोड पर किस्त वसूलने के नाम पर कि जा रही गुंडागर्दी एवं ट्रक को लूट एवं गायब करने की करवाई पर अविलम्ब रोक लगायी जाए। राज्य के सभी बालू खदानों से निर्धारित मुल्य पर बालू की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

प्रमुख मांगें : 
– संशोधित मोटर वाहन अधिनियम-2019 को बिहार को पूर्णत: पुराना मोटर वाहन अधिनियम 1988 को लागू किया जाए। 
– भोजपुर जिला परिवहन पदाधिकारी के भ्रष्ट क्रियाकलापों व अवैध वसूली करवाने में संलिप्तता को देखते हुए अविलंब प्राथमिकी दर्ज हो। 
– महात्मा गांधी सेतु से पटना वीर कुंवर सिंह सेतु से छपरा एवं अन्य शहरों में होनेवाली भयंकर महाजाम से मुक्ति मिल सके। 
– पुलिस द्वारा जगह-जगह ट्रकों से जांच के नाम पर अवैध वसूली पर रोक लगायी जाए।
– जेपी सेतु, राजेन्द्र सेतु, एवं राज्य के बंद पड़े अन्य सेतु पर उत्तर बिहार से लौट रही खाली ट्रकों का परिचालन शुरू कराया जाए

ट्रक मालिकों के एक बड़े हिस्से का हड़ताल में शामिल होने से किया इंकार
बिहार ट्रक ऑनर एसोसिएशन के द्वारा 14 सितंबर से प्रस्तावित चक्का जाम पर ट्रक मालिकों के एक बड़े समूह ने चक्का जाम (हड़ताल) में शामिल होने से इंकार किया है। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल के साथ रविवार को हुई बातचीत के बाद संतुष्ट होकर कई ट्रक मालिकों ने हड़ताल पर नहीं जाने का निर्णय लिया है। परिवहन विभाग का दावा है कि ट्रक मालिकों के एक बड़े समूह ने परिचालन जारी रखने का निर्णय लिया है।
 
विभाग के मुताबिक ट्रक मालिकों के शिष्टमंडल ने परिवहन सचिव और राज्य परिवहन आयुक्त से मिल कर अपनी मांगों को रखा एवं ट्रकों का परिचालन जारी रखने का निर्णय लिया। परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सड़क बाधित करने वालों पर सख्ती से निपटने के लिए सभी डीएम और एसपी को निर्देश दिया है। अधिकारियों को कानून व्यवस्था भंग करने वाले वाहन मालिकों को चिह्नित करने और आईपीसी के साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। वार्ता के बाद बीडी परिवहन के मालिक दिनेश प्रसाद, ओपीएस रोडवेज के पप्पू यादव, शुभ लक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के दिलीप कुमार (झुन्नु) ने बताया कि ट्रकों का चक्का जाम करने का कोई औचित्य नहीं है। परिवहन विभाग द्वारा हमारी मांगों पर सहानुभूतिपर्वूक विचार किया गया है। एक नवंबर तक गांधी सेतु से दोनों तरफ से भरे व खाली भारी वाहनों के परिचालन का निर्णय लिया गया है। वहीं जेपी सेतु पर भारी वाहनों के छपरा तरफ से खाली आने के लिए उच्च स्तरीय कमिटी द्वारा शीघ्र निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया गया है। 
 

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