बिहार चुनाव 2020: RJD ने बूथ स्तर पर बनाया whatsapp ग्रुप, पटना से रोज 10 सभाओं को संबोधित करेंगे तेजस्वी

बिहार चुनाव 2020: RJD ने बूथ स्तर पर बनाया whatsapp ग्रुप, पटना से रोज 10 सभाओं को संबोधित करेंगे तेजस्वी

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यलय में बैठकर कोई भी नेता एक साथ दस हजार लोगों को संबोधित कर सकता है। एक घंटे की एक सभा होगी। दूसरे घंटे से दूसरे इलाके के लोग इस सभा से जुड़ सकते हैं। यानी अगर चुनाव आयोग ने आमसभाओं की अनुमति नहीं दी, तब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रोज दस सभाएं कर एक लाख लोगों को पटना से ही संबोधित कर सकते हैं। 

राजद ने अपने चुनाव की तैयारी तो पहले ही शुरू कर दी थी, अब वर्चुअल सभाओं की तैयारी भी लगभग पूरी हो चुकी है। एक सप्ताह के भीतर ही पार्टी कार्यालय के पिछले हिस्से में यह व्यवस्था हो जाएगी। ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास दस सर्कुलर रोड में वाररूम लोकसभा चुनाव के समय से ही काम कर रहा है। वहां से नेता प्रतिपक्ष रोज किसी न किसी इलाके के लोगों से वर्चुअल संवाद करते हैं, लेकिन इस संवाद में जुड़ने वालों की संख्या बहुत कम होती है। लिहाजा इस तर्ज पर बड़ी सभाओं की व्यवस्था पार्टी कार्यालय में की जा रही है। अधिसूचना जारी नहीं होने से मतदान की तारीखों की घोषणा भले नहीं हुई हो, लेकिन चुनावी नागाड़ा राज्य में बज चुका है। जमीनी कार्यक्रम और जनसंपर्क के लिए राजद भी दूसरी पार्टियों की तरह चुनाव आयोग की ओर देख रहा है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से जुड़ने का प्रयास पहले सोे ही चल रहा है। 

बूथ स्थर पर बना वाट्सएप ग्रुप
पार्टी ने बूथ स्तर तक वाट्सएप ग्रुप बना लिया है। बड़े बूथों के ग्रुप में 35 और छोटे बूथों पर 13 से 20 लोग जुड़े हैं। एक मैसेज दस सर्कुलर रोड से निकलता है और जिलों के माध्यम से होते हुए  बूथ लेबल तक पहुंच जाता है। ऐसे भी राजद ने सबसे अधिक बूथ लेबल एजेंट बनाए हैं, यह चुनाव आयोग ही स्वीकार कर चुका है।  पार्टी ने एजेंसी  से सर्वे भी करा लिया है। दूसरी राजनीतिक दलों की रणनीति का पता लगाने के लिए उसने अलग से एजेंसी हायर की है। उसकी काट के लिए रणनीति बनाने को अलग से। एजेंसी ने संभावित उम्मीदवारों का सर्वे कर सूची पार्टी को सौंप दी है। 

महागठबंधन का दायरा भी बड़ा हुआ
राजद ने सहयोगी दलों से बात करने का सिलसिला तेज कर दिया है। महागठबंधन के दोनों प्रमुख दल राजद और कांग्रेस में इसका दायरा बढ़ाने पर सहमति बन गई है। लिहाजा वाम दल भी अब इस गठबंधन से जुड़ चुके हैं। माले का गठबंधन तो लोकसभा चुनाव में भी राजद से था, लेकिन सीपीआई और सीपीएम भी महागठबंधन का हिस्सा हो गये हैं। महागठबंधन में रालोसपा की बात कांग्रेस से भी होती है, लेकिन दूसरे दल राजद के भरोसे ही हैं। लिहाजा बात दस सर्कुलर रोड में तय हो जाती है तब वहां से प्रदेश कार्यालय जाकर औपचारिकता पूरा करने की सलाह सहयोगी दलों को दी जाती है। इसी कड़ी में वाम दल और रालोसपा नेता दो बार राजद कार्यालय आकर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से बात कर चुके हैं। कांग्रेस की बात नेता प्रतिपक्ष व लालू प्रसाद से हो रही है। 

हर जाति की टोली जिलों में भेजेगा राजद  
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को अलग-अलग समय पर पार्टी के अलग-अलग वर्ग के नेताओं के साथ बैठक की। अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अल्संख्यक नेताओं की बैठक राबड़ी आवास पर तीन शिफ्ट में हुई। नेता प्रतिपक्ष ने बैठक में सभी वर्ग के नेताओं से फीडबैक लिया और उन्हें काम की जिम्मेवारी दी। उन्होंने कहा कि सभी वर्ग में विभिन्न जातियों के नेताओं की टोली बनाकर हर जिले में भेजा जाएगा। लालू प्रसाद ने किस प्रकार अति पिछड़ों को आवाज दिया, इसकी जानकारी नई पीढ़ी को देंगे। साथ ही हर जिले में संवाददाता सम्मेलन कर लालू प्रसाद के विचारों को और जदयू के शासनकाल में अति पिछड़ा वर्ग की परेशानियों की जानकारी देंगे। उन्होंने दूसरे वर्ग के नेताओं की बैठक में भी इन बातों को दोहराया। साथ ही कहा कि सभी नेता अपने वर्ग के लोगों के बीच राजद की सोच और अपने एजेन्डे के बारे में जानकारी देंगे। पार्टी की भविष्य की योजनाओं से भी उन्हें अवगत कराएंगे।