बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलन: कांग्रेस का आरोप, बिहार को 15 वर्षों में कुछ नहीं मिला

बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलन: कांग्रेस का आरोप, बिहार को 15 वर्षों में कुछ नहीं मिला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि कोरोना काल में बिहार के लोगों ने परेशानी झेली है। जब दूसरे राज्य अपने लोगों को बुलाने के लिए गाड़ियां भेज रहे थे, तब बिहार में उन्हें आने से रोका जा रहा था। प्रमोद तिवारी बुधवार को कांग्रेस के मधुबनी-सुपौल जिला के बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलन में बोल रहे थे। आह्वान किया कि बिहार के विकास के लिए इसे भाजपा-जदयू से बचाइए। आरोप लगाया कि बीते 15 सालों में बिहार और मिथिलांचल को कुछ नहीं मिला।

प्रभारी सचिव और महासम्मेलन संयोजक अजय कपूर ने कहा कि बिहार में इस बार सत्ता परिवर्तन तय है। पूर्व मंत्री शकील अहमद ने कहा कि बिहार और देश को भाजपा-जदयू ने बेपटरी कर दिया है। कहा कि बेरोजगारी आज बीते 45 सालों में सर्वाधिक है। हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने उसी भाजपा से हाथ मिला लिया, जिसके खिलाफ जनता ने उन्हें जिताया था।

एनएसयूआई की पूर्व अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि बीते 15 वर्षों में बिहार के हिस्से बदहाली, महिला अत्याचार, बेरोजगारी, पलायन के अलावा कुछ नहीं आया। पूर्व सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि बिहार की जनता पर जबरन चुनाव थोपा जा रहा है। आरोप लगाया कि सरकार फिर पैसे के दम पर वोट खरीदना चाहती है, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।

सीट बंटवारे में देरी पर सदानंद बिफरे 
विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह महागठबंधन में सीट बंटवारे में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि मैं तो कह-कहकर थक गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। अब चुनाव में समय ही कहां बचा है। कब प्रत्याशी तय होंगे और कब वह तैयारी करेंगे। आरोप लगाया कि नीतीश सरकार हर मोर्चे पर फेल है। कार्यकारी अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह धीरज ने कहा कि पैसे वालों को नहीं कार्यकर्ताओं को टिकट मिले। 

मैथिली में भाषण और मिथिला की बात
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने मैथिली में मिथिला के लोगों से संवाद किया। कांग्रेस को जिताने और महागठबंधन सरकार बनाने की अपील की। अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश सिंह ने कहा कि सरकार की विदाई तय है। विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि यह सरकार मिथिला, मैथिली और विकास विरोधी है। मिथिला की सांस्कृतिक पहचान पर हमले हो रहे हैं।