बिक्रम विधानसभा सीट: भाजपा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर चल रही घमासान की तैयारी

बिक्रम विधानसभा सीट: भाजपा और कांग्रेस के बीच एक बार फिर चल रही घमासान की तैयारी

बिहार के पटना जिले का बिक्रम विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में महागठबंधन की ओर से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी सिद्धार्थ सिंह ने भाजपा प्रत्याशी अनिल कुमार को रिकॉर्ड वोटों से पराजित किया था। सिद्धार्थ सिंह को 94088 मत जबकि अनिल कुमार को 49777 मत प्राप्त हुए थे। सिद्धार्थ सिंह लगभग 44 हजार मतों के अंतर से अनिल कुमार को पराजित किया था। 

आगामी 2020 की होने वाले चुनाव को लेकर अभी भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच घमासान की पुरजोर तैयारी चल रही है। महागठबंधन की ओर से वर्तमान विधायक सिद्धार्थ सिंह को कांग्रेस पार्टी से टिकट मिलना तय माना जा रहा है। वहीं भाजपा की ओर से पूर्व विधायक अनिल कुमार को टिकट मिलना लगभग कंफर्म माना जा रहा है । लेकिन पालीगंज के आरजेडी विधायक जयवर्द्धन यादव उर्फ बच्चा यादव को जद यू में शामिल होने के बाद उन्हें पालीगंज से पार्टी द्वारा चुनाव लड़ने की चर्चा से भाजपा के दो दिग्गज नेता पूर्व विधायक रामजन्म शर्मा और डा. उषा विधार्थी बिक्रम विधानसभा क्षेत्र से पार्टी की उम्मीदवारी का दावा ठोक सकते हैं। पिछले चुनाव में रामजन्म शर्मा पालीगंज से भाजपा प्रत्याशी थे। जबकि उषा विद्यार्थी पालीगंज से एक बार विधानसभा का चुनाव जीत चुकी है। वैसे नौबतपुर के विमल कुमार कुछ वर्षों से अपने को भाजपा प्रत्याशी बताकर बिक्रम क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू किए हुए हैं।
 
वर्ष 1957 में बिक्रम विधानसभा क्षेत्र का गठन हुआ था। प्रथम चुनाव 1952 में यह बिहटा विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था। 1957 व 1962 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी मनोरमा देवी विजयी हुई थी। उसके बाद 1967 के विधानसभा चुनाव में  इस सीट पर पुन: कांग्रेस प्रत्याशी महावीर गोप ने जीत दर्ज की थी। 1969 और 1972 के हुए विधानसभा चुनाव में क्रमशः खदेरन सिंह भारतीय क्रांति दल व संगठन कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे। 

1977 के चुनाव में जनता पार्टी के टिकट पर कैलाश पति मिश्र चुनाव जीते और प्रदेश में वित मंत्री का पद संम्भाला था। 1980 के चुनाव में वे भाकपा प्रत्याशी रामनाथ यादव से चुनाव हार गए थेऔर चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे। रामनाथ यादव बिक्रम विधानसभा सीट पर 1980 से लेकर1995  तक लगातार चार बार चुनाव जीतते रहे। 2000 में भाजपा प्रत्याशी रामजन्म शर्मा इस सीट पर भारी बहुमत से चुनाव जीते। जिन्हें 2005 के चुनाव में लोजपा प्रत्याशी के रुप में अनिल कुमार ने  हराया। बाद में अनिल कुमार ने भाजपा का दामन थाम लिया। और दो बार पुनः उन्होंने इस सीट पर अपना कब्जा जमाया। अनिल कुमार 2015 के चुनाव में महागठबंधन की ओर से खड़े हुए कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ से चुनाव हार गए थे।

20 वर्षों से उद्घाटन का बाट जोह रहा बिक्रम का ट्रामा सेंटर
वैसे तो बिक्रम विधानसभा क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है। परंतु इस क्षेत्र का सबसे प्रमुख चुनावी मुद्दा है दो दशक पूर्व बना बिक्रम ट्रामा सेंटर का अबतक उद्घाटन न होना। इस मांग को लेकर स्थानीय जनता कई बार आंदोलन पर उतर चुकी है। इसके अलावा बिक्रम का ऐतिहासिक गांधी आश्रम, जिला परिषद का डाकबंगला, त्रिभुवन पुस्तकालय का आजतक जीर्णोद्धार नहीं हो सका है। पटना सोन कैनाल में खेती के समय पानी नहीं मिलना किसानों की प्रमुख समस्या है। इसके लिए अरवल या फिर वलिदाद लख के पास सोन नदी में डैम बनाने की मांग किसानों के द्वारा बार बार की जाती रही है।

            कौन कब जीते
 
     1957     मनोरमा देवी    कांग्रेस
     1962     मनोरमा देवी    कांग्रेस
     1967     महावीर गोप     कांग्रेस
     1969    खदेरन सिंह      भारतीय क्रांति दल
     1972     खदेरन सिंह    संगठन कांग्रेस
      1977  कैलाशपति मिश्र   जनता पार्टी
      1980     रामनाथ यादव     भाकपा
      1985     रामनाथ यादव     भाकपा
      1990    रामनाथ यादव    भाकपा
      1995     रामनाथ यादव   भाकपा
      2000      रामजन्म शर्मा     भाजपा
      2005      अनिल कुमार      लोजपा
     2005       अनिल कुमार     भाजपा 
      2010       अनिल कुमार      भाजपा
       2015       सिद्धार्थ सिंह      कांग्रेस
 
     कुल मतदाता – 2,90,822
              पुरुष  – 1,54,427
              महिला- 1,36,395