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बहादुरगंज विधानसभा सीट: सीमावर्ती जिले किशनगंज की इस सीट पर कांग्रेस का किला मजबूत

सुरजापुरी बोली और गंगा जमुनी मिल्लत का पर्याय बना बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व पिछले 15 वर्षों से मो. तौसीफ आलम करते आ रहे हैं। वे जीत का चौका लगाकर लगातार चार बार से विधायक हैं और पिछले तीन चुनाव से कांग्रेस पार्टी से जुड़े हैं। पिछले कुछ चुनावों से यह विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का किला बनकर उभरा है।

बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र का गठन 1952 में हुआ था। इस क्षेत्र में दो प्रखंड टेढ़ागाछ व बहादुरगंज के अलावा दिघलबैंक प्रखंड की तीन पंचायतों को शामिल कर कुल 35 पंचायतों व एक नगर पंचायत शामिल हैं। विगत तीन दशकों से दो गठबंधन यूपीए और एनडीए के बीच सीमित रहने वाला यहां का चुनावी समीकरण इस बार बदलने की उम्मीद है। इस बार भी कांग्रेस-राजद गठबंधन रहने के कारण विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का फिर से प्रत्याशी बनने की संभावना है। 2015 के चुनाव में जदयू, कांग्रेस, राजद तीनों महागठबंधन में थे। इस बार भाजपा, जदयू व लोजपा के हम भी इस बार साथ है।  इसके अलावा इस विधानसभा क्षेत्र में एआईएमआईएम ने पिछले लोकसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है। साथ ही जन अधिकार पार्टी भी अपना आधार मजबूत कर रही है। ऐसे में किसी के लिए इस गठबंधन या दल के लिए इस बार यह सीट जीतना बहुत आसान नहीं होगा।  

कृषि लोगों की जीविका का मुख्य साधन
कृषि क्षेत्र में उद्योग की संभावना रहने के बावजूद यह विधानसभा क्षेत्र उद्योग विहीन बना हुआ है। रोजगार सृजन नहीं होना श्रम पलायन का मुख्य कारण है। पहले की अपेक्षा क्षेत्र में मौलिक सुविधाओं और विकास को बल मिला है। कृषि यहां के लोगों की जीविका का मुख्य साधन है। कृषि आधारित उद्योग नहीं रहने से किसानी अब घाटे का सौदा बनता जा रहा है।

वेणुगढ़ ने दिलायी राष्ट्रीय पहचान
इस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वेणुगढ़ की पौराणिक व सांस्कृतिक पहचान ने इस क्षेत्र को सूबे के मानचित्र पर ला दिया था। नवंबर 2019 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वेणुगढ़ पहुंचकर जिला प्रशासन को इस क्षेत्र को पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का निर्देश दिया था। उसके बाद से इस क्षेत्र को विशेष तवज्जो मिली।  

कुल मतदाता  2, 85, 735
पुरुष मतदाता  147855
महिला मतदाता 137871
थर्ड जेंडर      09  

कब कौन जीता
1952 से 1957  मो. एहसान कांग्रेस
1957-1962 लखन लाल कपूर, पार्टी पीएसपी
1962-1967 रफीक आलम, पार्टी कांग्रेस
1967-1969 दिलीप नारायण झा, पार्टी पीएसपी
1969-1972 नजमुद्दीन, पार्टी कांग्रेस
1972-1977 नजमुद्दीन, पार्टी कांग्रेस
1977-1980 इस्लामुद्दीन बागी, जनता पार्टी
1980-1990 नजमुद्दीन, पार्टी कांग्रेस
1990-1995 इस्लामुद्दीन बागी, जनता दल
1995-2000 अवध विहारी सिंह, पार्टी भाजपा
2000-2005 जाहिदुर रहमान, कांग्रेस
फरवरी 2005, 2005अक्टूबर, 2010, 2015 मो. तौसीफ आलम  कांग्रेस
 

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