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बरौनी के ब्रजेश कुमार से बोले पीएम मोदी, आपने मुझे इंप्रेस कर दिया, आप गुजरात आएं…

प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के मछली पालन व डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों से बात की। इसी क्रम में बरौनी के ब्रजेश कुमार से उनके व्यावसाय के बारे में जानकारी ली। ब्रजेश की बात सुनकर प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने मुझे इंप्रेस कर दिया है। आप लोगों की बात सुनकर मुझे हौसला मिला है। उन्होंने कहा कि आप अन्य किसानों के साथ गुजरात आएं। यहां पर डेयरी उद्योग और सहकारी समिति की सफल योजनाओं को देखें। मैं इसकी व्यवस्था कराता हूं। पीएम ने सभी लोगों से अपील की कि कोरोना संक्रमण को हल्के में नहीं लें। मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें और दो गज की दूरी बनाए रखें। वैक्सीन पर तो काम हो ही रहे हैं। पर, सोशल वैक्सीन (डिस्टेंसिंग) को नहीं भूलें।  

रउआ सभे के प्रणाम करत बानी
पीएम ने संबोधन की शुरुआत भोजपुरी में की और कहा कि रउआ सभे के प्रणाम करत बानी। देशवा खातिर, बिहार खातिर और गांव के जिंदगी आसान बनावे खातिर डेयरी आउर कृषि से जुड़ल सैकड़ों करोड़ के योजना के लोकार्पण भइल बा। एकरा खातिर सउंसे बिहार के लोगन के बधाई दे तानी। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री गिरीराज सिंह ने भी अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम से राज्यपाल फागू चौहान, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल आदि जुड़े हुए थे। 

इन योजनाओं का शुभारंभ-उद्घाटन किया: 
-बिहार समेत 21 राज्यों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना । 
-पूर्णिया में 84.27 करोड़ की लागत से सिमेन स्टेशन। 
-सीतामढ़ी में पांच लागत से मछली बीज फार्म।
– एख करोड़ की लागत से मधेपुरा में मत्स्य चारा मिल।
– पटना के मसौढ़ी में दो करोड़ की लागत से फिश ऑन व्हील्स।
-पौने तीन करोड़ की लागत से पूसा कृषि विश्वविद्यालय में समेकित मत्सयिकी उत्पादन प्रौद्योगिकी केंद्र। 
-राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत आठ करोड़ की लागत से बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में इम्ब्रयो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी और आईवीएफ लैब।
– डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, समस्तीपुर में 74 करोड़ की योजनाएं। 

चौर इलाके के विकास से लोगों की आमदनी बढ़ेगी: CM नीतीश 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मौके पर कहा कि बिहार में करीब नौ लाख हेक्टेयर चौर का एरिया है, जहां खेती नहीं हो पाती है। हमने खुद चौर इलाके का भ्रमण किया है। चौर क्षेत्र के विकास के लिए भी हमलोगों ने कई कार्य शुरु किए हैं। चौर एरिया में लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि उसके एक हिस्से को तालाब में परिवर्तित करें और दूसरे हिस्से में उसी मिट्टी को भरकर खेती का कार्य करें। तालाबों में मछली का उत्पादन और खेती वाले इलाके में फल फूल की खेती की जा सके। चौर इलाके के विकास से यहां के लोगों की आमदनी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री से कहा कि आपके द्वारा शुरू की गई योजनाओं से भी इसका लाभ यहां के साथ-साथ देशभर के लोगों को मिलेगा। 

आगे उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में लेमन ग्रास और खस के उत्पादन से किसानों को तो लाभ होगा ही साथ ही घोड़परास (नीलगाय) को भी फसल क्षति से दूर रखा जा सकेगा। घोड़परास लेमन ग्रास और खस से दूर भागता है। हमलोगों ने ‘नीचे मछली और ऊपर बिजली’ योजना पर काम पहले से ही शुरु कर दिया है। इससे मछली उत्पादन के साथ-साथ सौर ऊर्जा का भी उत्पादन होगा। किसानों की आमदनी इस योजना से और बढ़ेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु पालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में आज जो योजनाएं शुरु की जा रही हैं उससे बिहार के लोगों को काफी खुशी है। यहां के 76 प्रतिशत लोगों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मैं अपनी और यहां के लोगों की तरफ से आपको हृदय से धन्यवाद देता हूं। सीएम ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो पहली बार मत्स्य पालकों को सेंट्रल इंस्टीच्यूट अफ फिशरीज एजुकेशन, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) एवं सेंट्रल इनलैंड फिषरीज इंस्टीच्यूट, कोलकाता भेजकर ट्रेनिंग दिलायी गयी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्णिया के मरंगा में सिमेन स्टेशन का उद्घाटन किया गया है जिसका शिलान्यास 12 मई 2018 को हमलोगों ने किया था। इतने कम समय में यह काम पूर्ण हो गया यह प्रसन्नता की बात है। इसके पूर्ण होने से इसकी प्रति वर्ष क्षमता 50 लाख सिमेन स्ट्रॉ होगी, जिसका उपयोग त्रिम गर्भाधान के लिए किया जाएगा। इससे बिहार तथा पूर्वोत्तर राज्यों एवं अन्य राज्यों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इसके लिए 80 एकड़ जमीन राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी है।  

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