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पति और बेटियों को कमरे में बंद कर महिला फंदे से झूली, पति ने भी दी जान, तो इसलिए उठाया खतरनाक कदम

धनसार थाना क्षेत्र की चांदमारी कोलियरी के पास रहनेवाले एक दंपति ने एक ही रात मौत को गले लगा लिया। पति से हुए विवाद के बाद पत्नी ने पति और अपनी दो मासूम बेटियों को कमरे में बंद कर दिया और खुद बरामदे की छत के लोहे से साड़ी का फंदा लगा कर लटका गई। पत्नी की मौत के गम में पति ने भी एसिड पीकर अपनी जिंदगी समाप्त कर ली। यह हृदय विदारक घटना रविवार देर की है। धनसार थाना प्रभारी जयराम प्रसाद ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण दोनों के बीच विवाद की बातें कही जा रही है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। पति की मौत का कारण का पता पोस्टमार्टम में ही चलेगा।

पति अमरजीत सोनी (38) और उनकी पत्नी रीना देवी कोलियरी के बगल में बीसीसीएल की जमीन पर एक झोपड़ीनुमा घर बनाकर रह रहे थे। पड़ोसियों ने बताया कि लॉकडाउन में आर्थिक तंगी के कारण दोनों में अक्सर कहासुनी होती थी। रविवार की रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ। अमरजीत अपनी पुत्री सात वर्षीय देविका और पांच वर्षीय अदिति के साथ कमरे में था। रीना ने कमरे को बाहर से बंद कर बरामदे की छत पर लगे लोहे से फांसी लगा ली। अमरजीत कमरे के दरवाजे और छत के बीच के स्थान से पत्नी को रोकने का प्रयास कर रहा था। उसने किसी तरह दरवाजे और छत के बीच की खाली जगह से अपनी पुत्री अदिति को बाहर निकाला। अदिति ने पहले कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन कमरे का गेट नहीं खुला तो उसने बरामदे का दरवाजा खोल कर पड़ोसियों को आवाज दी। फौरन आसपास के लोग पहुंचे लेकिन तब तक रीना की मौत हो चुकी थी।
 
पत्नी के गम में पति ने भी उठाया आत्मघाती कदम : स्थानीय लोगों ने कमरे का दरवाजा खोलकर अमरजीत को बाहर निकाला। इसके बाद वह चीख-चीख कर रोने लगा। बच्चे भी बिलखने लगे। पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस पहुंची तो अमरजीत भी बेसुध होकर अपने आंगन में गिर पड़ा। लोग उसे उठा कर पाटलिपुत्रा नर्सिंग होम ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दोनों बेटियों ने बताया कि पिता ने एक गिलास में कुछ डाल कर पीया था। पुलिस अनुमान लगा रही है कि उसने गहने साफ करनेवाले एसिड पीकर जान दी है। हालांकि अंदेशा यह भी है कि हृदय गति रुकने से उसकी मौत हुई है। अब मंगलवार को पोस्टमार्टम जांच में ही मौत के असल कारण का पता चलेगा।
 
दो साल से अमरजीत की आमदनी थी बंद : अमरजीत पहले मजदूरी करता था। कुछ वर्षों तक उसने सोना-चांदी की दुकानों में गहनों की सफाई करने का भी काम किया था। वह शारीरिक रूप से दिव्यांग था। दो वर्षों से उसका काम नहीं चल रहा था। पत्नी रीना फेरी कर चूड़ी और मनिहारी का सामान बेचती थी। घटना के बाद धनसार पुल के पास रहने वाले रीना के पिता रामदेव साव और उनकी पत्नी चिंता देवी लेकर पुलिस वहां पहुंची। रामदेव ने बताया कि उनका दामाद शराब पीता था। इसे लेकर उनकी बेटी-दामाद के बीच कहासुनी होते रहती थी। हाल के दिनों में उनकी माली हालत ठीक नहीं चल रही थी। लालकार्ड से जो राशन मिलता था, उसी से गुजारा होता था। अमरजीत के माता-पिता की मौत एक साल पहले ही हो चुकी है। उसकी एक बहन दिल्ली में रहती है।
 

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