पटना में 272 नए संक्रमित मिले, 6 की मौत, एक दिन में हुई रिकॉर्ड कोरोना सैंपलों की जांच

bihar corona virus updates  bihar covid 19 updates  patna corona updates

पटना में मंगलवार को 272 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस प्रकार पटना जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 21 हजार 87 हो गई है। पटना एम्स में मंगलवार को जिले के छह कोरोना मरीजों की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस का संक्रमण पटना जिले में पहले की तुलना में अब काफी घटने लगा है। मंगलवार को अब तक एक दिन में सबसे ज्यादा कोरोना सैंपल की जांच की गई। पटना के विभिन्न अस्पतालों में मंगलवार को 5572 लोगों की जांच हुई। जिसमें 89 लोगों में बीमारी की पहचान की गई। 

 इस संक्रमण से अब तक 18 हजार 630 लोग ठीक हो चुके हैं। जिससे पटना जिले का रिकवरी रेट बढ़कर 88 प्रतिशत हो गया है। अब भी पटना जिले में दो हजार 372 एटिक्व केस हैं। जिसमें सबसे अधिक पटना शहरी क्षेत्र में है। अभी तक कोरोना से कुल 86 लोगों की मौत हो चुकी है। 

पीएमसीएच में मिले 10 संक्रमित
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल(पीएमसीएच) में हुए जांच में मंगलवार को 19 संक्रमित मिले हैं। पटना समेत अन्य जिले के कुल 558 लोगों की जांच की गई। जिसमें से आरटीपीसीआर से 392 लोगों की जांच की गई, इनमें नौ लोग संक्रमित मिले है। वहीं एंटीजन किट से 166 लोगों की जांच की गई जिसमें 10 लोग संक्रमित पाये गए। वहीं कोविड वार्ड में 54 मरीज अभी भर्ती हैं। मुंगेर से एक मरीज निर्मला देवी की मौत कोरोना से हुई है। 

दनियावां और दुल्हिनबाजार में कम है रिकवरी रेट
पटना जिले में ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्र में कोरोना मरीजों के ठीक होने का रिकवरी रेट कम है। पटना शहरी क्षेत्र में 89 प्रतिशत हैं। जबकि पूरे जिले का 88.3 प्रतिशत है। वहीं दानापुर का 89 प्रतिशत, बिहटा में 84 प्रतिशत और सबसे कम दुल्हिनबाजार में 71 और दनियावां में 72 प्रतिशत रिकवरी रेट हैं। वहीं कोरोना मरीजों की बात करें तो पटना शहरी क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की संख्या में कमी आ रही है। 

जिला प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को आरटीपीसीआर से 230 लोगों की जांच की गई जबकि ट्रूनेट विधि से 61 की जांच की गई। शेष लोगों का एंटीजन टेस्ट किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में अधिक से अधिक लोगों की जांच कराई जा रही है ताकि बीमारी से पीड़ित लोगों की पहचान की जा सके। जिले में पहले से बीमारी का संक्रमण काफी कम हो गया है।