Home झारखंड नक्सलग्रस्त सारंडा में जिंदगी का ककहरा सीखेंगे बच्चे, ये है योजना

नक्सलग्रस्त सारंडा में जिंदगी का ककहरा सीखेंगे बच्चे, ये है योजना

नक्सलग्रस्त सारंडा के बीहड़ में सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे अब जिंदगी का ककहरा सीखेंगे। पश्चिमी सिंहभूम के अति पिछड़े इस क्षेत्र में बेपनाह गरीबी है। आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासियों को नक्सली अपनी बातों में फंसाकर गलत रास्ते पर ले जाते हैं। यही वजह है कि प्रशासन इस क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने में लगा है।

सारंडा क्षेत्र के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिये जिला शिक्षा विभाग द्वारा थलकोबाद स्थित मध्य विद्यालय, थलकोबाद को आवासीय विद्यालय के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिए जिला शिक्षा विभाग द्वारा पहल शुरू कर दी गई। इस विद्यालय में सारंडा क्षेत्र में रहने वाले उन बच्चों को पढ़ाया जाएगा, जो बच्चे विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा रहे हैं और नाम लिखाने के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी है। रिंगरिंग गांव सहित वैसे गांव जहां स्कूल नहीं है। वैसे बच्चों को यहां नामांकन किया जाएगा।

शिक्षा विभाग सेल से भी लेगा सहयोग : इस स्कूल को संचालित  करने के लिये शिक्षा विभाग तो अपनी पहल कर ही रहा है, पर स्थानीय स्तर पर बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिये कक्षा 1 से 5 के बच्चो को पौष्टिक आहार देने के लिये विभाग सेल से सहयोग लेगा। सरकार से अनुमोदन के बाद  बच्चों को ड्रेस व किताब, कॉपी  झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। बच्चों को शिक्षा देने के लिये शिक्षकों का प्रबंध भी विभाग द्वारा किया जायेगा और जरूरत पड़ी तो स्थानीय शिक्षित युवकों को भी इस विद्यालय से जोड़ा जा सकेगा।

गुणवत्ता पर रहेगा ध्यान : सारंडा क्षेत्र के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले इसके ऊपर शिक्षा विभाग की पूरी नजर रहेगी। बच्चे आवासीय विद्यालय में रहेंगे।  इसलिये ऐसी व्यवस्था की जायेगी कि बच्चों को जब भी जरूरत पड़े तो अपने शिक्षक से मिल कर अपनी समस्या का निदान कर लें। आवासीय विद्यालय में बच्चों को शिक्षा के अलावा उनके समग्र विकास पर भी फोकस किया जायेगा। ताकि वे भी एक अच्छे छात्र के रूप में निकल सके। जिला शिक्षा पदाधिकारी नीरजा कुजूर ने बताया कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना है। उनमें भटकाव की स्थिति न हो। सारंडा के जो बच्चे भटक रहे हैं, उनका उनके उम्र के अुनसार उनका नमांकन होगा और इस आवासीय विद्यालय में रह कर वे सभी कक्षा 1 से 8वीं तक अच्छी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।

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