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तीन करोड़ के अवैध भुगतान में मोतिहारी सीओ समेत नौ की हो सकती गिरफ्तारी, विशेष निगरानी कोर्ट में वारंट के लिए अर्जी

मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विवि की 90 डिसमिल भूमि के नाम पर तीन करोड़ पांच लाख 28 हजार रुपये के अवैध भुगतान मामले में सीओ समेत नौ आरोपितों की गिरफ्तारी होगी। इसके लिए मोतिहारी के नगर थाने की पुलिस ने मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी कोर्ट में गिरफ्तारी वारंट के लिए अर्जी दाखिल की है। अर्जी में मोतिहारी के तत्कालीन सीओ मधुबनी निवासी चौधरी बसंत सिंह, नाजिर सुधीर कुमार सिंह, अंचल अमीन जटशंकर सिंह, भू-अर्जन कार्यालय के सहायक रामनाथ पासवान, पिपरा के सत्यभूषण तिवारी, हरसिद्धि के निक्की तिवारी, रामतपस्या नंद तिवारी, ललन तिवारी व सोनू कुमार उर्फ मोनू तिवारी के नाम हैं।
मोतिहारी के जिला भू-अर्जन अधिकारी अजीत कुमार ने 24 नवंबर 2018 को नगर थाने में एफआईआर कराई थी। इसमें बताया था कि विवि की स्थापना के लिए बनकट में 90 डिसमिल भूमि का अर्जन किया गया। रैयत के रूप में सुकदेव साह के नाम उल्लेख है। 25 अप्रैल 2018 को सुकदेव साह ने आधार, पैन, पासबुक, कब्जा दखल प्रमाण पत्र, मालगुजारी रसीद व बयनामा की प्रति के साथ मुआवजा भुगतान के लिए आवेदन दिया था। कोषागार ने 25 अप्रैल 2018 को दो करोड़ 49 लाख 61 हजार 728 रुपये व 27 जुलाई 2018 को 55 लाख 66 हजार 272 रुपये का भुगतान किया था। इसके बाद 19 नवंबर 2018 को सुकदेव साह नाम के एक अन्य व्यक्ति ने जिला भू अर्जन अधिकारी के समक्ष अर्जित खेसरा के मुआवजा भुगतान के लिए आग्रह किया था।
जांच में जानकारी मिली कि मुआवजा भुगतान सुकदेव साह के नाम पर हो चुका है। एक ही खेसरा को दो अलग-अलग दावेदार के सामने आने के बाद बैंक से संपर्क किया गया। वहां से जानकारी मिली कि जयकिशुन तिवारी व अरविंद सिंह  के खाते में मुआवजा राशि ट्रांसफर हो चुकी है।

 

 

 

 

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