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झारखंड : 12 जिलों के सहायक पुलिसकर्मियों ने मोरहाबादी में डाला डेरा, तो ये है कारण

झारखंड के 12 जिलों के दो हजार सहायक पुलिसकर्मियों ने शनिवार को नियुक्ति स्थाई करने की मांग लेकर रांची में प्रदर्शन किया। हालांकि विभिन्न जिलों से रांची पहुंचने में इन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, बावजूद ये सरकार तक अपनी मांग रखने के लिए पैदल ही पहुंचने में कामयाब रहे। 

सभी जिलों से पहुंचे पुलिसकर्मी मोरहाबादी मैदान में एकत्र हुए। वहां से राजभवन घेराव के लिए निकल पड़े। लेकिन, रांची पुलिस ने इन्हें रास्ते में ही रोक कर मोरहाबादी मैदान में बैठा दिया। इसके बाद वहां से 12 लोगों को डीआईजी और एसएसपी से मिलने की इजाजत मिली।  लेकिन, इनकी नियुक्ति को स्थाई करने पर सहमति नहीं बन पाई। डीआईजी ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगें आगे रखी जाएंगी, लेकिन सहायक पुलिसकर्मी उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद ट्रैफिक एसपी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन, सहायक पुलिसकर्मी एकजुट रहे और मोरहाबादी मैदान में ही डेरा डाल दिया। उनका कहना था कि जब तक उनकी नियुक्ति स्थाई नहीं की जाएगी वे मोरहाबादी में ही हड़ताल पर डटे रहेंगे। 

रास्ते में रोके जाने के बावजूद पैदल पहुंच गए रांची
झारखंड के 12 जिलों से आने वाले दो हजार सहायक पुलिस कर्मियों को कई जिलों में वहां के स्थानी पुलिस के द्वारा रोकने का प्रयास किया गया। कई जगह पुलिस से इनका विवाद भी हुआ। कई जगहों पर इनके वाहनों को भी जब्त कर लिया गया। इसके बावजूद वे पैदल ही रांची के लिए निकल गए। 

महिला जवान अपने बच्चों के साथ पहुंची हैं
मोरहाबादी मैदान में महिला जवानों ने अपने बच्चों को तेल लगाया और दूध पिलाया। सात माह की गर्भवती पुलिसकर्मी फूलेश्वरी देवी ने कहा कि डॉक्टर ने आराम करने को कहा है लेकिन आराम करूंगी तो आने वाले बच्चे को क्या भविष्य दूंगी। छोटी बच्ची को लेकर रांची पहुंचीं पुलिसकर्मी मनिता देवी ने कहा इतनी तनख्वाह नहीं कि बच्ची को खरीदकर दूध पिला सकूं।

रात दो बजे से तैनात थे तीन डीएसपी
रांची के सिटी डीएसपी, कोतवाली डीएसपी और सीसीआर डीएसपी शुक्रवार की रात दो बजे से ही मोरहाबादी में तैनात थे। सभी ने सहायक पुलिस कर्मियों को कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। सहायक पुलिस कर्मियों का कहना था कि वह सिर्फ मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उनका कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी वे नियुक्ति स्थाई करने की मांग कर चुके हैं।  

सहायक पुलिसकर्मियों की ये हैं मुख्य मांगें
नियुक्ति अविलंब स्थाई की जाए
छुट्टी पर जाने के बाद मानदेय नहीं काटा जाए
सभी पुलिसकर्मियों की तरह भत्ता मिले
मानदेय की राशि में वृद्धि की जाए
स्वास्थ्य की सुविधा दी जाए
 

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