झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 18 सितंबर से होगा शुरू, जानें सरकार की क्या है योजना

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झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 18 सितंबर से शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और संसदीय कार्यमंत्री के बीच विधानसभा सत्र को लेकर मंत्रणा हो गई है। सूत्रों के अनुसार अल्प अवधि के लिए सत्र आहूत किया जाएगा। इस दौरान जरूरी विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे। 

इसके बाद सत्र की कार्यवाही अनिश्चिकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। सत्र की तारीख कैबिनेट की बैठक में तय होगी। जल्द ही कैबिनेट की बैठक बुलाई जाएगी। दूसरी ओर सरकार के विभाग में सत्र को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं सभा सचिवालय भी अपनी तैयारी में जुटा है। कुछ विधेयक को विधानसभा पटल पर रखने के लिए कैबिनेट से स्वीकृति मिल चुकी है।

संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम के मुताबिक विधानसभा का पिछला सत्र 23 मार्च को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया गया था। ज्ञात है कि कोरोना संक्रमण की वजह से विधानसभा का बजट सत्र तय समय 27 मार्च से पहले ही स्थगित किया गया था। सरकार अब संवैधानिक प्रावधान के तहत कम दिनों के लिए सत्र का आयोजित करेगी। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ 31 अगस्त को चर्चा हो गई है। अब कैबिनेट में इस आशय से संबंधित प्रस्ताव को रखा जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री के मुताबिक विधानसभा का सत्र आहूत करना संवैधानिक बाध्यता भी है। दो सत्रों के आयोजन में छह माह से अधिक देरी नहीं की जा सकती। यानि, एक सत्र की अंतिम बैठक से दूसरे सत्र की पहली बैठक के बीच का अधिकतम अंतर छह माह का ही हो सकता है। 

   विधानसभा के बजट सत्र की आखिरी बैठक 23 मार्च को हुई थी। उन्होंने कहा कि 18 सितंबर से पहले मानसून सत्र बुलाना संवैधानिक प्रावधान के तहत अनिवार्य है। जानकारी के अनुसार मानसून सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट समेत जरूरी अध्यादेश सदन के पटल पर रख सकती है। 

सरकार ने दिया था आश्वासन, अब देगी कार्रवाई की जानकारी 
सरकार द्वारा सितंबर मध्य में विधानसभा सत्र बुलाने की उम्मीद है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने बजट सत्र के दौरान सदस्यों के कई सवालों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब आगामी सत्र में सरकार इन आश्वासनों पर उठाए गए कदम पर सदस्यों को जवाब देगी। लिहाजा कैबिनेट कोर्डिनेशन द्वारा दिए आश्वासनों पर की गई कार्रवाई से संबंधित जवाब तैयार किया जा रहा है। इसके लिए कैबिनेट कोआर्डिनेशन द्वारा विभागों से की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा गया है।

सरकार अब कृत कार्रवाई पर पेश करेगी रिपोर्ट
आश्वासन पर की गई कार्रवाई पर सरकार सदन में रिपोर्ट पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट कोर्डिनेशन विभाग द्वारा एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कैबिनेट कोर्डिनेशन द्वारा आश्वासन से संबंधित सवाल संबंधित विभागों को भेजा गया है। उनसे अश्वासन पर उठाए गए कदम के बारे में जानकारी मांगी गई है, जिसे एटीआर में शामिल कर आगामी सत्र के दौरान सदन में रिपोर्ट पेश की जा सके। 

जनहित के थे सवाल मिला था आश्वासन
विधानसभा बजट सत्र फरवरी-मार्च में हुआ था। इसमें सदन के सदस्यों ने सरकार से कई सवाल पूछे थे। संबंधित विभागों के मंत्रियों ने कुछ सवालों के जवाब दिए, तो कुछ पर आश्वासन दिया था। विधायक समीर मोहंती ने बहरागोड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था से संबंधित सवाल पूछा था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ट्रामा सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 38 स्वास्थ्य केंद्र की दयनीय स्थिति से उन्होंने सरकार को अवगत कराया था। सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया था। डॉक्टर, पारा मेडिकल स्टाफ और अन्य कमियों को दूर करने की बात कही थी। इसी तरह विधायक विनोद सिंह ने विदेशों में काम करने वाले मजदूरों की समस्या को उठाया था। उन्होंने विदेशों में काम करने वाले मजदूरों के हित में अलग से निदेशालय खोलने का आग्रह किया था। श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा था कि सरकार इस पर विचार करेगी। इसी तरह शिक्षा, पथ निर्माण समेत अन्य विभागों से संबंधित सदस्यों के सवाल पर सरकार की ओर से सदन में अश्वासन दिए गए थे।