झारखंड : मैट्रिक व इंटरमीडिएट के पाठ्यक्रम में 40 प्रतिशत की कटौती, इसलिए हुआ बदलाव

मैट्रिक और इंटमीडिएट के पाठ्यक्रम में औसतन 40 फीसदी की कटौती की जा रही है। हर विषय के पाठ्यक्रम में अलग-अलग कटौती हो रही है। गणित-विज्ञान के विषयों में जहां 45 फीसदी तक कटौती की गई है, वहीं, हिन्दी-अंग्रेजी का पाठ्यक्रम 35 फीसदी छोटा किया गया है। शिक्षकों की टीम ने विषयवार पाठ्यक्रम छोटा करने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को दे दिया है। 18 शिक्षकों ने जहां नौंवी-10वीं के पाठ्यक्रम को छोटा किया है, वहीं 24 शिक्षकों ने 11वीं-12वीं के सिलेबस में कटौती की है। शिक्षकों के सिलेबस कटौती प्रस्ताव को कंपाइल्ड कर लिया गया है। शुक्रवार को इस पर कमेटी की बैठक होगी और अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  

फरवरी में होगी मैट्रिक-इंटर की परीक्षाएं 
अगले साल फरवरी में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं होंगी। इसके लिए पाठ्यक्रम में कटौती का निर्णय लिया गया था। सिलेबस छोटा होने के बाद इसकी जानकारी छात्र-छात्राओं को दे दी जाएगी। इसके आधार पर ही वह परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। किसी प्रकार की शंका होने पर स्कूल में आकर शिक्षकों से समाधान करवा सकेंगे। कोरोना महामारी में कमी आने और केंद्र सरकार की ओर से स्कूल खोलकर नियमित पढ़ाई शुरू करने के निर्णय आने के बाद पढ़ाई शुरू की जाएगी।