झारखंड : मुफलिसी में मरे भूखल घासी की बेटी राखी ने भी दम तोड़ा, छह महीने में तीसरी मौत

झारखंड : मुफलिसी में मरे भूखल घासी की बेटी राखी ने भी दम तोड़ा, छह महीने में तीसरी मौत

कसमार प्रखंड अंतर्गत सिंहपुर पंचायत के करमा गांव निवासी भूखल घासी की बेटी राखी कुमारी (12) की सोमवार की देर रात को मौत हो गई। 6 मार्च को भूखल घासी की मौत कथित तौर पर भुखमरी से हो गई थी। दो माह बाद छह मई को उसके पुत्र नितेश घासी (20) की भी मृत्यु हुई थी और अब उसकी बेटी राखी कुमारी भी मुफलिसी और बीमारी से लड़ते हुए इस दुनिया से चल बसी। मंगलवार सुबह उसका अंतिम संस्कार किया गया।

छह माह के भीतर एक ही परिवार में तीन सदस्यों की मौत के बाद विभिन्न संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।  भूखल घासी की मौत  मामले में बोकारो डीसी एवं विभागीय सचिव समेत कई अधिकारियों ने गांव पहुंच मामले की जांच की थी। उस समय भूखल के परिजनों को कई आश्वासन भी मिले थे। उनमें कुछ आज भी अधूरे हैं। उस समय तत्कालीन डीसी ने परिवार के सभी सदस्यों व ग्रामीणों की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया था। 22 अप्रैल को राखी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। उस समय भूखल के पुत्र नितेश को भी बुखार होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन, अस्पताल में ही 12 दिनों बाद नितेश की मौत हो गई थी। 

बेटे नितेश का शव लेने से परिजनों ने किया था इंकार : परिजनों ने नितेश की मौत पर प्रशासन व चिकित्सा विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। मुआवजा के आश्वासन के बाद परिजनों ने शव लिया था। उसी समय राखी को भी अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया था। जबकि राखी पूरी तरह से ठीक नहीं हुई थी। उसकी स्थिति गंभीर थी, लेकिन बाद में उसका कहीं भी इलाज नहीं हो सका। हालांकि प्रसाशन व स्वास्थ्य विभाग ने राखी को इलाज के लिए कई बार अस्पताल भेजना चाहा, लेकिन उसके घरवाले इंकार करते रहे। वह घर में ही पड़ी हुई थी और अंतत: उसने दम तोड़ दिया।