झारखंड : भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं बनवाया तो ये खबर आपके लिए है 

झारखंड : भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं बनवाया तो ये खबर आपके लिए है 

नगर विकास विभाग ने 3000 वर्गफुट या उससे अधिक वाले भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम बनवाना जरूरी कर दिया है। ऐसा नहीं करने पर भवन मालिकों से डेढ़ गुना होल्डिंग टैक्स सख्ती से वसूलने का आदेश जारी किया गया है। 
नगर विकास विभाग द्वारा अधिसूचित झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 के अनुसार 3000 वर्गफुट से ऊपर के भवनों में रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम का इंतजाम करना जरूरी है। झारखंड नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली-2014 में भी यह प्रावधान है। 

एक दर्जन एजेंसी चयनित : रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम का इंतजाम अपने घरों में भवन मालिकों को खुद के खर्च पर करना होगा। निजी भवनों में इस सिस्टम के लिए 12 एजेंसियों का चयन किया गया है। इन एजेंसियों की मदद से शहरवासी अपने घरों में तय दर पर रेन वाटर हार्वेंस्टिंग सिस्टम बना सकेंगे।

ये हैं कंपनियां  : चयनित कंपनियों में मेसर्स एडवेट सोलर एंड वाटर, मेसर्स लक्ष टेक्नॉलोजी प्राइवेट लिमिटेड, थिंक इनोवेटिव सॉल्यूशन, हाईटेक इरिगेशन सिस्टम, मेसर्स जेएसआईडी कल्सटेंट प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं।