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झारखंड : प्लाज्मा देने में सक्षम हैं 8700 लोग पर मात्र 95 ने किया डोनेट 

राज्यभर में लगभग 8700 लोग ऐसे हैं जो प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। जबकि, हर दिन इनकी संख्या में लगभग 507 लोगों का इजाफा हो रहा है। बावजूद इसके राज्य में प्लाज्मा डोनेट करने वालों की संख्या काफी निराशाजनक है। 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 28 जुलाई को रिम्स में प्लाज्मा डोनेशन की शुरुआत की थी। पिछले ढाई माह में रिम्स में महज 70 लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया है। जबकि, जमशेदपुर में प्लाज्मा डोनेट करने वालेां की संख्या महज 25 है। यानी महज एक प्रतिशत लोगों ने ही अभी तक प्लाज्मा डोनेट किया है। प्लाज्मा देने वालों में सबसे बड़ी संख्या पुलिस कर्मी और रिम्स के जूनियर डॉक्टरों की है। वहीं मोरहाबादी के विनोद कुमार तो दो बार प्लाज्मा डोनेट कर चुके हैं।

प्लाज्मा डोनेशन के लिए पोर्टल : रांची जिला प्रशासन ने प्लाज्मा देने और प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पोर्टल लांच किया है। रांची के डीसी छवि रंजन ने बताया कि कोई भी व्यक्ति जो प्लाज्मा देना या लेना चाहते हैं pratirakshak.co.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पोर्टल का मुख्य उद्देश्य कोरोना से पीड़ित गंभीर लोगों के जीवन को बचाना और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित करना है। पोर्टल में एसएमएस इंटीग्रेशन की सुविधा दी गई है। जिससे कि डिमांड करने वाले व्यक्ति को प्लाज्मा उपलब्ध होते ही एसएमएस के जरिए सूचित किया जाता है। इतना ही नहीं, प्लाज्मा डोनेशन के लिए जिला प्रशासन की तरफ से वोलेंटियर द्वारा डोनर्स को कॉल भी किया जाता है। 
रांची से बाहर के डोनर को 2000 का भुगतान: प्लाज्मा डोनेशन को प्रोत्साहित करने के लिए डोनर को प्रोत्साहन राशि का भुगतान भी किया जाता है। रिम्स ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ सुषमा कुमारी ने बताया कि रांची के डोनर को जहां एक हजार रुपए का भुगतान किया जाता है, वहीं रांची से बाहर के डोनर को दो हजार रुपए दिए जाते हैं। इसके साथ ही डोनर को स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र भी देने का प्रावधान किया गया है। कॉन्वालेसेंट प्लाज्मा डोनर बनने के लिए जरूरी शर्तें : उम्र 18 वर्ष और पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए। कम-से-कम 50 किलोग्राम वनज होना चाहिए। कोविड-19 से उबरने के बाद ही कर सकते हैं दान। कोरोना को मात देने के बाद 14 दिन तक किसी प्रकार का कोई लक्षण नहीं होना चाहिए। 

प्लाज्मा डोनेट करने वालों की संख्या को इस तरह समझें : राज्य में अब तक 43,328 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। प्लाज्मा डोनेशन के लिए 18 वर्ष से अधिक की आयु के साथ-साथ 14 दिनों की अवधि बिना किसी परेशानी के पूरी करना जरूरी है। साथ ही व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ भी होना चाहिए। इस लिहाज से 14 के बजाए 17 दिन पूर्व यानी 25 अगस्त को राज्य में कोरोना को मात देने वालों की संख्या 21,750 थी। इसमें से बच्चे, बूढ़े, गर्भवती और बीमार श्रेणी के यदि  60 प्रतिशत लोगों को भी अयोग्य मान लिया जाए तो शेष 40 प्रतिशत यानी 8700 ऐसे लोग हैं, जो प्लाज्मा डोनेशन के लिए योग्य हैं। दूसरे जिलों की बात छोड़िए केवल रांची और जमशेदपुर में कोरोना को मात दे चुके ऐसे योग्य लोगों की संख्या 2708 (40 प्रतिशत के हिसाब से) है।  

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