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झारखंड : जहां कभी गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती थी, वहां की लड़कियां सीख रहीं कराटे 

पूर्वी सिंहभूम जिले के जिस नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कभी गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देती थी, वहां की लड़कियां अब साहसिक खेल गतिविधियों जुडो-कराटे का प्रशिक्षण ले रही हैं। 

बहरागोड़ा और आसपास की छात्राओं में कराटे का क्रेज बढ़ रहा है। छात्राएं आत्मरक्षा और स्वावलंबी बनने के लिए कराटे में माहिर होना चाहती हैं। इसको देखते हुए हाल ही में बहरागोड़ा में झारखंड स्टेट कराटे एसोसिएशन एवं निश्चय फाउंडेशन की पहल पर कराटे प्रशिक्षण केंद्र खोला गया है। इसका संचालन अभी गणेश हासंदा पुस्तकालय में किया जा रहा है। यहां छात्रों से अधिक संख्या छात्राओं की है। यहां लगभग 30 से ज्यादा छात्राएं कराटे का प्रशिक्षण ले रही हैं। छात्राओं को अल्टरनेट डे पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्घाटन खेल दिवस पर किया गया था। इन्हें सेंसई राजा मंडल तथा संपई लेवानंद हेंब्रम प्रशिक्षित कर रहे हैं। 

इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार :  प्रशिक्षण केंद्र का संचालन झारखंड स्टेट कराटे एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी क्योशी एल नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। राव ने बताया कि कराटे का प्रशिक्षण लेना युवाओं खासकर किशोरियों के लिए बेहद जरूरी है, इससे न केवल बच्चे अपनी आत्मरक्षा कर सकेंगी, बलिक इससे उनकी इम्युनिटी में भी बढ़ोतरी होती है। वे आगे चलकर कराटे के क्षेत्र में भी काम कर सकती हैं।

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